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अफसर पहुंचे तब तोड़ सके मकान

8 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता - ग्वालियर
मृगनयनी उद्यान से सुरुचि होटल तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्य में बाधक बने दो मंजिला मकान को शुक्रवार को तोडऩे पहुंचे निगम अमले को गृहस्वामिनी के विरोध का सामना करना पड़ा। महिला का कहना था कि उसके पास न्यायालय का स्थगन आदेश है, तब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। सूचना मिलते ही कलेक्टर पी. नरहरि, नगर निगम कमिश्नर विनोद शर्मा मौके पर पहुंच गए। महिला से चर्चा करने के बाद मदाखलत अमले ने मकान को तोड़ दिया।
मुख्यमंत्री शहरी सड़क विकास अधोसंरचना के तहत चार करोड़ रुपए की लागत से यह फोरलेन सड़क बनाई जा रही है। इसमें सुरुचि होटल के सामने बना दो मंजिला मकान बाधक बन रहा था। नगर निगम ने भवन स्वामियों अमलजीत, कमलजीत तथा श्रीमती कमलजीत कौर को मकान खाली करने के निर्देश दिए थे। निगम अधिकारियों ने भवन अनुमति भी निरस्त कर दी थी। इसको लेकर भवन स्वामियों ने न्यायालय में याचिका दायर कर स्थगन आदेश लिया था, लेकिन उक्त आदेश उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया। इसके बाद अमरजीत व कमलजीत ने जमीन के बदले जमीन देने की मांग की। कमिश्नर ने कहा कि मुआवजे का आवेदन बनाकर दें, इसे मेयर इन काउंसिल में भेजकर समस्या का समाधान कराया जाएगा। इसके बाद मदाखलत अमले ने मकान को तोड़ दिया।




ट्रस्ट की जमीन खाली कराई



जिला प्रशासन ने सिमको पुल के पास गंगादास की बड़ी शाला मंदिर ट्रस्ट की 3600 वर्गफीट जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। तहसीलदार डीडी शर्मा ने बताया कि राजस्व विभाग के गदाईपुरा सर्वे क्रमांक 196 में गंगादास की शाला के नाम से जमीन दर्ज है। कलेक्टर पी. नरहरि को लगातार शिकायतें मिल रही थी कि कुछ लोग उक्त जमीन का अनधिकृत रूप से विक्रय कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने शुक्रवार को मदाखलत अमले के साथ उक्त जमीन पर बने दीनदयाल बंसल के तलघर सहित दो मंजिला मकान को हटा दिया।