‘अमृत है हरि नाम जगत में’
ग्वालियर - रामस्नेही संप्रदाय के संत स्वामी रामप्रसाद ने सोमवार को लक्ष्मीगंज स्थित रामद्वारा में आयोजित सात दिवसीय प्रवचन कार्यक्रम में हरि नाम का महत्व श्रद्धालुओं को समझाया। उन्होंने ‘अमृत है हरि नाम जगत में, इसे छोड़ जगत विष पीना क्या’ भजन सुनाया, जिस पर श्रद्धालु आनंद विभोर हो गए।
स्वामी जी ने कहा कि हरि नाम तीर्थ के समान है। हर व्यक्ति को हरि का सुमिरन करना चाहिए। उन्होंने राजा जनक और नवयोगेश्वर की वार्ता के विषय में बताया कि राम नाम मनुष्य के व्यवहार में आना चाहिए। राम नाम का सिर्फ जाप करने से कुछ नहीं होता, बल्कि उसे मन में उतारने पर कल्याण होता है। मनुष्य के मन में कपट भरा है और जुबान से राम नाम का जाप करता है तो ऐसे जाप का कोई महत्व नहीं। राम नाम में स्वयं को पूरी तरह रंग लो, तभी जीवन का कल्याण होगा। इससे पहले स्वमीजी ने श्रद्धालुओं को 108 बार राम नाम का जाप कराया। इसके बाद उन्होंने एकादशी की कथा सुनाई। प्रवचन के अंत में आरती और प्रसाद वितरित किया गया।
ञ्चसंत रामप्रसाद ने बताया हरि नाम का महत्व।
संत रामप्रसाद।