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कम हैं एसोसिएट प्रोफेसर, कैसे शुरू होंगे कोर्स

7 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता - ग्वालियर
गजराराजा मेडिकल कॉलेज के चर्म, कुष्ठ एवं गुप्त रोग विभाग और टीबी एंड चेस्ट विभाग में पीजी कोर्स चालू होना है। इसके लिए सोमवार को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ((एमसीआई)) की टीम ने जीआरएमसी का निरीक्षण किया। दोनों ही विभागों में कोर्स चालू करने में सबसे बड़ी रुकावट एसोसिएट प्रोफेसर का न होना है।
चर्म रोग विभाग के निरीक्षण के लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर के प्रोफेसर डॉ. आरएस मीणा आए। यहां उन्होंने विभाग का कार्यालय, वार्ड देखने के बाद प्रोफेसर डॉ. पीके सारस्वत और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिनव गर्ग के दस्तावेज देखे। उधर टीबी एंड चेस्ट विभाग के निरीक्षण के लिए राजकोट मेडिकल कॉलेज से डॉ. केजी बिठलानी आए थे। यहां उन्होंने विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. केके तिवारी के साथ फैकल्टी देखी। विभाग के पास ब्रांकोस्कोप नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने लाइब्रेरी के साथ अन्य विभाग भी देखे तथा डीन डॉ. जीएस पटेल से चर्चा की। डीन ने टीम के सदस्यों को बताया कि ब्रांकोस्कोप सहित अन्य आवश्यक उपकरण खरीदे जा रहे हैं। शाम को दोनों टीम दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। कॉलेज प्रशासन एसोसिएट प्रोफेसर के रिक्त पद के संबंध में कुछ भी कहने से कतरा रहा है।



कम से कम एक-एक पद भरा होना चाहिए

एमसीआई के मापदंड के अनुसार पीजी की दो या तीन सीट के लिए विभाग में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर का कम से कम एक-एक पद भरा होना चाहिए। जीआरएमसी में चर्म रोग विभाग में पीजी की तीन सीट व टीबी एंड चेस्ट विभाग में पीजी की दो सीट शुरू होने वाली हैं। दोनों विभागों में एक प्रोफेसर व एक असिस्टेंट प्रोफेसर तो हैं लेकिन एसोसिएट प्रोफेसर के पद लंबे समय से रिक्तहैं।