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एसटीएफ की निगाह सत्र २००४ व ०५ के छात्रों पर
ग्वालियर - जीआरएमसी के संदिग्ध छात्रों के मामले में अब एसटीएफ की निगाह सत्र 2004 और 2005 के छात्रों पर है। एसटीएफ के डीएसपी के नेतृत्व में सोमवार को एक टीम जीआरएमसी पहुंची। यहां अधिकारियों ने डीन डॉ. जीएस पटेल से चर्चा की। एसटीएफ ने डीन से सत्र 2004 के छात्र ज्ञानेंद्र त्रिपाठी और सत्र 2005 के छात्र धर्मेंद्र चंदेल के बारे में पूरी जानकारी मांगी है। डीन का कहना है कि एसटीएफ ने जो जानकारी मांगी है, वह एक -दो दिन में उपलब्ध करा दी जाएगी।
इलाहाबाद रवाना हुई टीम: संदिग्ध छात्रों की तलाश में एसटीएफ और पुलिस की टीम इलाहाबाद के लिए रवाना हो गई है। गिरफ्तार छात्रों से कई अहम जानकारी हाथ लगने के बाद इलाहाबाद में संदिग्ध छात्रों के छिपे होने की सूचना है।
डीएमई को भेजी जाएगी जानकारी: जांच कमेटी ने डीन को बताया कि डीएमई ने जांच रिपोर्ट से जुड़ी जानकारी मांगी है। कॉलेज प्रशासन जानकारी तैयार करने में जुट गया है। ये जानकारी डीन देखकर व हस्ताक्षर कर भेजेंगे।
जिम्मेदार को सह आरोपी बनाया जाना चाहिए
॥किसी भी आपराधिक प्रकरण में यदि महत्वपूर्ण दस्तावेज जानबूझकर गायब किए जाते हैं या उनमें कोई कूटरचना की जाती है, तो ऐसा करने वाले जिम्मेदार के खिलाफ आईपीसी के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें सह आरोपी बनाया जाना चाहिए।ञ्जञ्ज
एसएस शुक्ला, रिटा. एडीजी
रिकार्ड गायब करना अपराध
॥पीएमटी कांड के हाई प्रोफाइल मामले की अलग-अलग जांच कराने से निष्पक्षता पर सवालिया निशान लगता है। मंशा सही होती तो इसे सीबीआई को सौंपा जा सकता था। प्रकरण की जांच में दस्तावेज महत्वपूर्ण हैं, उन्हें नष्ट करना गंभीर अपराध है। रिकॉर्ड गायब करने वालों पर साक्ष्य मिटाने व आईपीसी के तहत कार्रवाई की जाए तो काफी नए खुलासे सामने आ सकते हैं।ञ्जञ्ज
मुकेश गुप्ता, वरिष्ठ अभिभाषक
छात्रों के दस्तावेज नहीं मिले
सरगना को बचाने मोहरे को बनाया मास्टरमाइंड
पुलिस ने हाल ही में पकड़े विशाल यादव को पीएमटी कांड का मास्टरमाइंड घोषित कर दिया, जबकि मेडिकल कॉलेज से लेकर पुलिस अफसर तक असली मास्टर माइंड का नाम जानते हैं। विशाल उस मास्टर माइंड के साथ रहा है। बताया गया है कि इस कांड में जगदीश सगर के बाद दूसरे नंबर के सरगना को बचाने के लिए पुलिस मोहरे के रूप में विशाल को मास्टर माइंड घोषित कर रही है। बताया यह भी गया है कि विशाल के पकड़े जाने के बाद शनिवार को एक पुलिस अधिकारी के साथ असली मास्टर माइंड के नजदीकी की बैठक भी हो चुकी है।
॥फर्जी मेडिकल छात्रों के प्रकरण में एक दर्जन से अधिक छात्रों के दस्तावेज नहीं मिले हैं। इसके लिए कई पत्र लिखे, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब व दस्तावेज नहीं दिए गए।ञ्जञ्ज
जोरसिंह भदौरिया, सीएसपी