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डाउनलोड करेंग्वालियर. लोन के बदले कितना पैसा चाहिए। रिश्वत में पैसा भेजूं या फिर पुलिस। यह बात कलेक्टर पी. नरहरि ने कैनरा बैंक के अफसर से फोन पर कही। इसके बाद उन्होंने बैंक अफसर की शिकायत करने वाली महिला को तत्काल बैंक पहुंचने को कहा। कलेक्टोरेट की जनसुनवाई में मंगलवार को 267 आवेदक पहुंचे। इनमें सबसे ज्यादा अलग-अलग कारणों से आर्थिक सहायता चाहते थे।
नगर निगम ने लक्ष्मी देवी पत्नी बृजमोहन के आवेदन पर एक लाख रुपए का प्रस्ताव 24 अगस्त 2013 को कैनरा बैंक की गोला का मंदिर शाखा को भेजा था। स्वर्ण जयंती योजना के तहत भेजे गए इस प्रस्ताव को लेकर महिला लक्ष्मी ने बैंक अफसर के पास कई चक्कर लगाए पर उसका लोन मंजूर नहीं हुआ। परेशान लक्ष्मी मंगलवार को कलेक्टर के पास पहुंची। उसने बैंक अफसर पर रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया। कलेक्टर ने बैंक अफसर को फोन पर फटकारा और कहा कि वे महिला को भेज रहे हैं। तत्काल राशि मंजूर कर उसे दी जाए।
मुरार के साधू सिंह किरार ने कलेक्टर को आवेदन देकर कहा कि जड़ेरुआ, बेहटा लिंक रोड, भारी वाहनों के कारण खराब हो चुकी है। यदि भारी वाहन नहीं रोके गए तो वे रास्ता बंद कर देंगे। पनिहार निवासी चंदा बाई ने पुलिस के एक बड़े अधिकारी के गनर जहीर खान द्वारा मारपीट की शिकायत की।
जल उपभोक्ता संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद नायक ने डिस्ट्रीब्यूटरी नंबर-3 पर अतिक्रमण व 26 जनवरी के कार्यक्रम में उपयंत्रियों के न पहुंचने की शिकायत कलेक्टर से की। मंगलवार को कलेक्टर से मिलने पहुंचे आवेदकों में से 160 आवेदन दर्ज हुए हैं, जबकि 107 सीधे विभाग प्रमुखों के पास भेज दिए गए हैं।
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