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डाउनलोड करेंग्वालियर. बड़े किराएदार ((शोरूम-मॉल आदि में)) और संपत्ति के मालिकों के बीच होने वाले एग्रीमेंट पर भी अब स्टाम्प ड्यूटी लगेगी। घाटे की कुछ भरपाई के लिए पंजीयन विभाग यह कदम उठाने जा रहा है। इससे पहले संपत्ति की खरीद के एग्रीमेंट पर स्टाम्प ड्यूटी की प्रक्रिया चालू हो चुकी है।
भारतीय स्टाम्प एक्ट में किराएदार व संपत्ति के मालिक के बीच किराए को लेकर होने वाले एग्रीमेंट पर स्टाम्प ड्यूटी की व्यवस्था है। इसी कड़ी में पंजीयन विभाग वाणिज्यिककर विभाग की मदद से पहले ऐसे संपत्ति मालिक व किराएदारों की जानकारी ले रहा है, जो करदाता हैं। वाणिज्यिककर के आंकड़ों के मुताबिक जिले के लगभग पंद्रह हजार लोग करदाता हैं। इनमें से बहुत से करदाता संपत्ति किराए पर देते हैं। इस मामले में उप महानिरीक्षक पंजीयन राजीव जैन ने बताया कि एक्ट में किराए के एग्रीमेंट पर स्टाम्प ड्यूटी का प्रावधान है। बहुत जल्द इसके लिए अभियान चलाया जाएगा।
एक या दो फीसदी लगेगी स्टाम्प ड्यूटी
-यदि किराएदार व संपत्ति मालिक के बीच एक साल या इससे कम अवधि के लिए किराए का एग्रीमेंट हुआ है तो किराए के रूप में मिलने वाली राशि पर एक फीसदी स्टाम्प ड्यूटी लगेगी।
- दोनों के बीच यदि एग्रीमेंट एक से तीन साल या इससे ज्यादा अवधि के लिए हुआ है तो किराए की राशि का एवरेज निकालकर कुल राशि पर दो फीसदी स्टाम्प ड्यूटी वसूल होगी।
पंजीयन आय में काफी घाटा
अंचल के आठ जिलों को इस वर्ष 31 मार्च तक 670 करोड़ रुपए का लक्ष्य मिला है। वर्तमान में ((दिसंबर तक)) केवल 325.90 करोड़ रुपए स्टाम्प ड्यूटी के रूप में मिले हैं। यह राशि पिछले साल दिसंबर माह में वसूले गए 469 करोड़ रुपए से भी 143.10 करोड़ रुपए कम है। मतलब साफ है कि इस बार पिछले साल के बराबर भी स्टाम्प ड्यूटी मिलना मुश्किल है।
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