जिनका रिकॉर्ड खराब, उनका तलब
नगर संवाददाता - ग्वालियर
गजराराजा मेडिकल कॉलेज में पिछले दस साल में अध्ययन करने वाले किन छात्रों का रिकॉर्ड खराब है। ये कितनी बार फेल हुए। पास हुए तो इन्हें कितने नंबर मिले थे, ऐसे कितने छात्र हैं जो तब से अब तक अध्ययन कर रहे हैं। इस तरह का रिकॉर्ड स्पेशल टास्क फोर्स ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से मांगा है। पुलिस की गिरफ्त में आए छात्रों ने खुलासा किया है कि यह घोटाला तो बहुत पुराना है। मंगलवार को एसटीएफ की एक टीम जीआरएमसी पहुंची और दो छात्रों का रिकॉर्ड भी हासिल किया।
जीआरएमसी की जांच कमेटी द्वारा संदिग्ध छात्रों की सूची पुलिस को सौंपे जाने के बाद पुलिस ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पड़ताल शुरू की थी। अंगूठे के निशान न होने से पुलिस ने चार छात्र संदीप लहारिया, देशराज गुर्जर, रायसिंह और रजनीकांत जाटव को गिरफ्तार किया है। इन्होंने बताया था कि उन्हें फर्जी तरीके से प्रवेश विशाल यादव ने दिलाया था। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। इनसे पता चला कि यह रैकेट तो पिछले दस-पंद्रह साल से चल रहा है। इसकी वजह से ही ऐसे छात्रों को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिला है, जिन्होंने पीएमटी दिया ही नहीं। यह बात सामने आने पर एसटीएफ के अफसर जीआरएमसी पहुंचे। इन्होंने पिछले दस साल या उससे पहले के उन सभी छात्रों का रिकॉर्ड तलब किया है, जिनका अकादमिक रिकॉर्ड ठीक नहीं है। रिकॉर्ड मिलने पर जेयू से इनकी उत्तरपुस्तिकाएं भी मांगी जाएंगी।
सीनियर मेडिकल छात्र ने दिलाया था प्रवेश: गिरफ्त में आए रजनीकांत जाटव ने बताया कि वह मूलत: धौलपुर का रहने वाला है और मुरैना में मौसा के यहां रहता था। यहीं उसने फर्जी मूल निवासी प्रमाण पत्र बनवाया। यहां उसकी मुलाकात अनिल सोलंकी व उसके भाई गजेंद्र सोलंकी से हुई। इन्होंने उसे मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाया था। गजेंद्र वर्ष 2006 के संदिग्ध छात्रों की सूची में शामिल है। पता चला है कि इंदौर और बड़वानी के कुछ छात्रों ने भी यहां फर्जी तरीके से प्रवेश लिया था। मामले का खुलासा होते ही ये लोग फरार हो गए हैं। पुलिस इंदौर, बड़वानी और रीवा में दबिश दे रही है।
तीन हजार रुपए का इनामी है सोनू
भिंड के छात्र ने ५० छात्रों को दिलाई परीक्षा
एसटीएफ ने सोनू के खिलाफ बीती १८ दिसंबर को तीन हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ को पीएमटी-२०१२, १३ में उसकी तलाश थी। उसके सभी संभावित ठिकानों पर दबिश देने के बाद एसटीएफ ने यह इनाम घोषित किया था। इसके अलावा कोलार रोड निवासी सुनील दुबे पर भी तीन हजार रुपए का इनाम घोषित किया था, जो अब भी फरार है।
स्पेशल टास्क फोर्स ((एसटीएफ)) ने पीएमटी-२०१२ में पैसे लेकर संजीव शिल्पकार के जरिए दाखिला कराने वाले वाले एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र सोनू पचौरी निवासी ग्राम मिहोना, भिंड को गिरफ्तार किया है। आरोपी पीएमटी-२०१२ और पीएमटी-२०१३ में अब तक ५० छात्र-छात्राओं को बिठा चुका है। एसटीएफ ने पूछताछ के लिए उसे ११ दिन की रिमांड पर लिया है।
पुलिस ने तीन साल का छात्रों का रिकॉर्ड मांगा
वहीं पुलिस की एक टीम भोपाल गई है। इसने व्यापमं से वर्ष 2008, ०9 और 10 के छात्रों का रिकॉर्ड मांगा है। पुलिस के सामने कुछ ऐसे नाम आए हैं जो संदिग्ध छात्रों की सूची में नहीं हैं, लेकिन फर्जी तरीके से उन्हें प्रवेश दिलाया गया है।
जीआरएमसी - पुलिस की गिरफ्त में छात्रों का खुलासा- यह घोटाला बहुत पुराना है