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लेन-देन करते समय नोट के पीछे प्रिंटिंग का साल जरूर देख लें

7 वर्ष पहले
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ग्वालियर. आपके पास 500 और 1000 के ऐसे नोट हैं, जो 2005 से पहले के हैं तो इन्हें अपने पास रखें नहीं बल्कि बैंक में जमा करा दें। आरबीआई ३१ मार्च २०१४ तक ऐसे सभी नोट मार्केट से वापस लेना चाहती है। यदि आप ऐसा नहीं करेंगे तो नोट बदलने के लिए बैंक के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।

आरबीआई के इस आदेश के बाद बैंकों में नोट बदलवाने वालों की हलचल नजर आने लगी है। शहर के बैंकों में हर रोज पांच सौ रुपए के करीब 200 (एक लाख रुपए) और एक हजार के बीस (बीस हजार रुपए) नोट पहुंच रहे हैं।

पचास हजार रुपए से ऊपर लगेगा पैन नंबर
यदि कोई व्यक्ति पचास हजार रुपए से अधिक रकम बदलना चाहता है तो उसे पहचान के लिए पैन नंबर देना होगा। इसके अलावा दस लाख रुपए से अधिक पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट के तहत फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट को बैंकों द्वारा सूचना दी जाएगी। अगर पांच या इससे अधिक नकली नोट मिलते हैं तो एफआईआर दर्ज की जाएगी।

सर्कुलर में यह दिशा-निर्देश दिए हैं
2005 से पहले के वे बैंक नोट, जिन पर प्रिंटिंग का साल नहीं छपा है, एक अप्रैल 2014 से पहले एक्सचेंज कर लें। वे लोग, जिनका बैंकों में खाता है अथवा नहीं है, बैंक शाखा में जाकर इस अवधि वाले नोट एक्सचेंज करवा सकेंगे। हालांकि आरबीआई ने यह भी कहा है कि एक जुलाई 2014 से 500 रुपए और 1000 रुपए के 10 नोट से ज्यादा एक्सचेंज करवाने के लिए गैर खाताधारकों को बैंकों में आईडी प्रूफ (पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, आधार कार्ड)) और रेजीडेंस प्रूफ ((बिजली व टेलीफोन का बिल, राशन कार्ड) देना होगा। संबंधित बैंक के खाताधारकों के लिए यह नियम लागू नहीं होगा। 1 अप्रैल से 30 जून तक एक्सचेंज के लिए बैंकों में किसी तरह का पहचान-पत्र नहीं देना होगा।