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ऐसे तो बरबाद हो जाएगी एक सदी पुरानी बस्ती

7 वर्ष पहले
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विशेष संवाददाता - ग्वालियर
नए मास्टर प्लान में सेवानगर से किलागेट तक सड़क की चौड़ाई 100 फीट करने पर अगर शासन अड़ा रहा तो 100 साल पुरानी बस्ती उजड़ जाएगी। यह चिंता उन आपत्तियों में सामने आई है, जो क्षेत्रवासियों की ओर से अपर सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग मप्र शासन के समक्ष प्रस्तुत की गई हैं। इन आपत्तियों में इस बात को भी प्रमुखता से उठाया गया है कि उक्त मार्ग की चौड़ाई 100 फीट करने के प्रस्ताव के संबंध में किसी विशेषज्ञ समूह या फिर कलेक्टर की रिपोर्ट तक पेश नहीं की गई। ऐसे में प्रस्तावित चौड़ाई बिना किसी वैध एवं तर्कसंगत आधार के उक्त क्षेत्र की पारिस्थिति से व्यापक स्तर पर छेड़छाड़ तथा अधिकतर लोगों को पूरी तरह से प्रभावित करने की दृष्टि से किया जाना प्रतीत होता है, जो कानूनी दृष्टि से गलत है। क्षेत्रवासियों की ओर से अधिवक्ता लवीराज अग्रवाल ने अपर सचिव को पेश की आपत्तियों के साथ सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई के मसले पर पुन: विचार करने का आग्रह किया है।




चौड़ीकरण की जरूरत नहीं

आपत्तियों के साथ सुझाव भी दिए

> ग्वालियर विकास योजना 2021 में शहर की सीमाओं का विस्तार कर नए शहर के विकास पर जोर दिया जाए, न कि पुरानी बसाहट में नए शहर की संभावना तलाश की जाए।

> फूलबाग लक्ष्मीबाई के स्मारक से फोर्ट रोड पुल तक स्वर्णरेखा नदी के किनारे समानांतर वैकल्पिक मार्ग बनाया जा रहा है। इसी तरह का एक मार्ग हजीरा चौराहे से पड़ाव तक जुड़ा है। ऐसे में सेवानगर से किलागेट तक एकाकी मार्ग घोषित किया जा सकता है। इससे समस्या का निराकरण होगा।

> सेवानगर से किलागेट तक मार्ग की प्रस्तावित चौड़ाई 100 फीट को विलोपित कर वर्तमान चौड़ाई को ही यथावत रखा जाए। इस पर बड़े पब्लिक वाहनों को प्रतिबंधित किया जाए। पुराने निर्माणों को ऐतिहासिक एवं पुरातत्व की दृष्टि से संरक्षित कर हेरिटेज क्षेत्र घोषित किया जाए। ताकि क्षेत्रवासियों के हितों पर विपरीत असर न पड़े।

> अगर विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद मार्ग का चौड़ीकरण किया जाता है तो प्रभावित व्यक्तियों की भूमि अर्जन पुनर्वास और पुनव्र्यवस्था में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के प्रावधानों का समुचित रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए।

मार्ग की प्रस्तावित चौड़ाई को लेकर की गई आपत्ति में कहा गया है कि उक्त मार्ग पर यातायात का जो दबाव है, उसमें मार्ग के चौड़ीकरण की आवश्यकता न होकर मार्ग को हैरिटेज मार्ग घोषित करने और इस पर बड़े पब्लिक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित करने की आवश्यकता है। इस संबंध में हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में महिला शांति सेना ग्रेटर ग्वालियर बनाम मप्र शासन आदि में छोटे वाहनों जैसे टाटा मैजिक एवं ओमनी मारुति वैन आदि नगर निगम सीमा के भीतर चलाए जाने के सुझाव दिए गए हैं।