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ईयर फोन लगाकर दिव्या ऐसी खोई कि जान ही चली गई

7 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता - ग्वालियर
कानों में मोबाइल के ईयर फोन की लीड लगाए रेलवे ट्रैक पार कर रही छात्रा मालगाड़ी की चपेट में आकर हादसे का शिकार हो गई। हादसा बुधवार को दोपहर दो बजे बिरला नगर स्टेशन के पास डाउन ट्रैक पर हुआ।
छात्रा मोबाइल फोन पर इस कदर खोई थी कि मालगाड़ी का ड्राइवर हॉर्न बजाता रहा, लेकिन उसे आवाज सुनाई नहीं दी। छात्रा का नाम दिव्या तोमर ((20)) था। दत्तपुरा मुरैना में रहने वाली दिव्या यहां बिड़ला हॉस्पिटल में ट्रेनिंग के लिए आई थी और वापस घर जाने के लिए बिरला नगर रेलवे स्टेशन पहुंची थी।
जीआरपी थाना प्रभारी ओडी मिश्रा ने बताया कि दिव्या पुत्री जितेंद्र सिंह तोमर ट्रेनिंग के बाद वापस मुरैना जाने के लिए बिरला नगर रेलवे स्टेशन पहुंची और ट्रैक पार कर प्लेटफार्म बदलने लगी। उसके कान में मोबाइल फोन की लीड लगी थी। इसी दौरान मालगाड़ी ग्वालियर रेलवे स्टेशन से बिरला नगर की ओर आ रही थी। दिव्या को ट्रैक पर देखकर मालगाड़ी के ड्राइवर ने उसे सावधान करने के लिए हॉर्न भी बजाया, लेकिन वह आवाज न सुन सकी। स्टेशन पर खड़े लोगों ने भी दिव्या को सचेत करने के लिए काफी आवाजें दीं, लेकिन मोबाइल में उनकी आवाज भी दिव्या के कानों तक नहीं पहुंची। इसी दौरान मालगाड़ी दिव्या के काफी नजदीक आ गई। जब तक दिव्या संभलती, तब तक काफी देर हो चुकी थी। दिव्या की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। मालगाड़ी के ड्राइवर ने दिव्या को देखने के बाद ट्रेन की गति भी धीमी कर दी थी, लेकिन जब तक ट्रेन रुकती, हादसा हो चुका था।




बिरला नगर पर मालगाड़ी की चपेट में आने के बाद टै्रक पर पड़ा दिव्या का पर्स, जिसमें से बाहर निकल रहा सामान।

रेलवे ट्रैक पर दिव्या के पर्स की तरह बिखरीं घरवालों की उम्मीदें

ञ्चबिरला नगर रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पार करते समय एमएससी फाइनल ईयर की छात्रा की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत। ट्रेनिंग कर अपने घर मुरैना जाने के लिए पहुंची थी स्टेशन।

दिव्या के ताऊ धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार वह मुरैना के ऋषि गालव कॉलेज से एमएससी फाइनल कर रही थी। वह पढऩे में काफी होशियार थी। दो भाइयों की इकलौती बहन दिव्या हर क्लास में फस्र्ट ही आती थी। परिवार के लोगों को उससे काफी उम्मीदें थीं। दिव्या के पिता किसान हैं। दिव्या के परिजन का कहना है कि वह कभी भी मोबाइल में ईयर फोन का उपयोग नहीं करती थी।



होनहार छात्रा और इकलौती बहन

लत बन रहा है मोबाइल फोन, जरूरत पर ही करें उपयोग

॥मोबाइल फोन का यूज एक लत की तरह होता जा रहा है। खासकर युवाओं में। ऐसे युवा एक -दो घंटे मोबाइल से दूर रहते हैं तो उनके अंदर वैसे ही बेचैनी के लक्षण देखे जाते हैं, जैसे नशा करने वाले व्यक्तिको नशा न मिलने पर दिखाई देते हैं। ऐसे लोगों को मोबाइल की घंटी की आवाज सुनाई देती है। इससे बचने के लिए युवाओं को चाहिए कि जितनी आवश्यकता हो उतना ही मोबाइल का उपयोग करें।ञ्जञ्ज

डॉ. मुकेश चंगुलानी, विभागाध्यक्ष, मनोचिकित्सक, जीआरएमसी



मोबाइल फोन पर बात करते समय बरतें सावधानी

> सड़क पर चलते समय मोबाइल से बात न करें।

> वाहन चलाते समय मोबाइल की घंटी बजे तो वाहन रोककर ही बात करें।

> घर से बाहर निकलकर वाहन चलाते समय या पैदल चलते समय ईयर फोन लगाकर बात न करें। साथ ही गाने आदि भी न सुनें।