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हर दिन सेंटर सुपरिंटेंडेंट बदलने की तैयारी

7 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता - ग्वालियर
बोर्ड परीक्षा ((कक्षा 10वीं व 12वीं)) में नकल न हो, इसके लिए हर पेपर के बाद सेंटर सुपरिंटेंडेंट ((सीएस)) को बदला जा सकता है। यह काम कलेक्टर खुद करेंगे। गत वर्ष दो-तीन पेपरों के बाद सेंटर सुपरिंटेंडेंट बदले गए थे, इससे नकल रोकने में काफी हद तक मदद मिली थी।
वार्ड परीक्षा में इस बार 50 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनके लिए जिले में 89 सेंटर तय हो चुके हैं। सेंटर बनाते समय कोई गड़बड़ न हो, इसलिए यह काम कलेक्टर की निगरानी में हुआ। परीक्षा में सीएस कौन-कौन होंगे, इसके लिए सूची तैयार हो गई है। कौन किस सेंटर पर रहेगा, इस पर अंतिम निर्णय स्कूल शिक्षा विभाग ले रहा था पर कलेक्टर पी. नरहरि ने फिलहाल यह काम उनसे वापस ले लिया है। परीक्षा के दौरान सीएस की नियुक्ति को लेकर कलेक्टर श्री नरहरि ने बताया, वे चाहते हैं कि हर पेपर के बाद सीएस बदले जाएं। इससे नकल रोकने में काफी मदद मिलेगी। दूसरी तरफ विभाग के लोग अभी से इस व्यवस्था के विरोध में आगे आने लगे हैं। एक अधिकारी ने कहा कि रोज-रोज सीएस तो बदला जा सकता है पर यदि किसी को आदेश नहीं मिला तो क्या होगा? कहीं ऐसा न हो कि किसी सेंटर पर परीक्षा ही न हो सके या देर से चालू हो।
प्राइवेट हुए तीन सौ छात्र: वक्त पर जानकारी बोर्ड आफिस नहीं पहुंचने से अंचल के तीन सौ से ज्यादा छात्रों को प्राइवेट कैटेगरी में परीक्षा देनी होगी। संभागीय अधिकारी आरपी बरेहिया ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ऐसा स्कूलों की गलती के कारण हुआ है। बोर्ड पहले ऐसे छात्रों को अपात्र करने के मूड में था पर छात्रहित में बाद में सभी को प्राइवेट करने का निर्णय लिया गया।




परीक्षा में शामिल होंगे ५१ हजार १०८ विद्यार्थी



सौ नहीं बीस रुपए कटेंगे



बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गलती होने पर अब प्रति अंक सौ रुपए नहीं, बल्कि केवल बीस रुपए जुर्माना लगेगा। गत वर्ष बोर्ड ने ऐसे शिक्षकों से 23 हजार 680 रुपए का जुर्माना वसूल किया था। मूल्यांकन व परीक्षा में व्यवधान न हो, इसके लिए विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें परीक्षा को आवश्यक सेवाओं में रखा गया है।