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तो...लड़कों को घर में बंद करें

7 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर ग्वालियर
हम घर से बाहर निकलते हैं तो हमें रोका क्यों जाता है। लड़के हमें परेशान करते हैं तो लड़कों को घर में बंद किया जाना चाहिए, हमें क्यों। ऐसे ही कई सवाल गुरुवार को प्रदेश भर से आईं बेटियों ने पूछे। अवसर था महिला बाल विकास एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में बाल अधिकारों पर आयोजित बाल सहभागिता कार्यक्रम का। जीवाजी यूनिवर्सिटी के गालव सभागार में शुरू हुए कार्यक्रम में प्रदेशभर से बेटियां एवं उनके अभिभावक शामिल हुए। इस अवसर पर बाल अधिकारों के बारे में महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक सुरेश तोमर ने जानकारी दी। इस अवसर पर यूनिसेफ के संचार प्रमुख अनिल गुलाटी ने कहा कि प्रदेश में स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जो वर्कशॉप हुईं। उनमें हिस्सा लेने वालीं बेटियों को इसमें शामिल किया गया है।



कि प्रदेश में स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जो वर्कशॉप हुईं। उनमें हिस्सा लेने वालीं बेटियों को इसमें शामिल किया गया है।

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 जेयू के गालव सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपने अनुभव सुनाती प्रतिभागी।