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कोई सिंहासन पर, कोई जेल में

7 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर ग्वालियर
‘भ्रष्टाचार के खेल में, कोई सिंहासन पर कोई जेल में’ यह पंक्तियां पढ़कर कवि कौशलेंद्र सिंह घुरैया ने श्रोताओं की वाहवाही लूटी। अवसर था हरीशंकरपुरम स्थित मुक्तानंद आश्रम में आयोजित मासिक काव्य गोष्ठी का। गोष्ठी की मुख्य अतिथि कवयित्री अंजू यादव ने कहा कि ‘वजूद की शख्सियत को बुना है मैंने, लफ्ज व लफ्ज अपनी कहानी पढ़ी है मैंने। इसी क्रम में सुमंत हिंदुस्तानी ने प्रेम पर आधारित अपनी रचना सुनाई। विपिन कुमार ने कहा कि ए हुकूमत खत्म तेरी कहानी हो गई, कमर देखलो झुककर कमानी हो गई, अजब सा माहौल शामिल है बेहयाई का, हया कहां बाकी वो तो बात अब पुरानी हो गई। गोष्ठी में कवि आलोक शर्मा, प्रवीण सोनी ने भी काव्य पाठ किया। इस अवसर पर कवयित्री डॉ.भावना चोपड़ा का सम्मान किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रोता उपस्थित रहे।



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