कोरल रीडिंग से आसान होगी पैसेज राइटिंग
सिटी रिपोर्टर ग्वालियर
पैसेज राइटिंग स्टूडेंट्स को कठिन लगती है, लेकिन पैसेज समझना इंग्लिश में बहुत जरूरी है। इससे राइटिंग स्किल्स में सुधार होता है। इसके लिए स्टूडेंट्स आपस में पैसेज पढ़कर उस पर चर्चा कर सकते हैं। इससे हर स्टूडेंट का अपना आइडिया होगा। इससे पैसेज को सुलझाने में काफी मदद मिलेगी। जरूरी है कि पैसेज समझने के लिए उस पर डिस्कशन किया जाए। यह बात इंग्लिश एक्सपर्ट डॉ. साधना अग्रवाल ने कही। उन्होंने केआरजी कॉलेज में चल रही एसेंड विथ इंग्लिश वर्कशॉप में स्टूडेंट्स को पैसेज रीडिंग एंड राइटिंग के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि पैसेज रीडिंग में जो लाइन महत्वपूर्ण हैं उन्हें मार्क करें।
स्टूडेंट्स ने बसंत ऋतु पर लिखे स्लोगन
डिबेट और स्लोगन प्रतियोगिता में अधिक संख्या में स्टूडेंट्स ने भाग लिया। डिबेट का विषय समाज में लिव इन रिलेशनशिप और स्लोगन का बसंत ऋतु था।
द्यड्डठ्ठद्दह्वड्डद्दद्ग 2शह्म्द्मह्यद्धशश्च
 डिबेट: प्रथम-प्रतिभा चौहान, द्वितीय सुरभि गुप्ता, सौम्या मोडवेल, तृतीय अर्पणा भार्गव
 स्लोगन राइटिंग: प्रथम- गुलनाज, द्वितीय आशना, तृतीय-शहनाज
ये रहे विजेता
 प्री रीडिंग- पैसेज को सुलझाने से पहले उसको एक बार पढऩा जरूरी है। इसे आप अकेले ही शांत मन से पढ़ें।
 पोस्ट रीडिंग- प्री रीडिंग के बाद अंडरलाइन की हुई लाइनों को दोबारा पढ़ें। यदि किसी आंसर में कंफ्यूजन हो, तो वह इस टेक्निक से दूर हो जाएगा।
 कोरल रीडिंग- इस टेक्निक में स्टूडेंट्स ग्रुप में पैसेज पढ़ें। एकदूसरे की राय जानकर पैसेज को सुलझाने की कोशिश करें।
 ईको रीडिंग- इसमें स्टूडेंट्स टीचर्स के साथ बैठकर पैसेज पढ़ें। डिस्कशन से कई चीजें निकलेंगी।
 पार्टनर रीडिंग- स्टूडेंट्स अपनी बेस्ट फ्रेंड या क्लासमेट के साथ मिलकर पैसेज पढ़े।
ऐसे हो पैसेज पर डिस्कशन
 वर्कशॉप को संबोधित करतीं एक्सपर्ट एवं उपस्थित छात्राएं। फोटो: भास्कर