पड़ाव आरओबी के लिए २६ करोड़ और मांगेंगे
नगर संवाददाता - ग्वालियर
पड़ाव पर नए आरओबी में आ रही बाधा दूर करने के लिए सरकार से 26 करोड़ रुपए का बजट और मांगा जाए। नीडम के पास आरओबी का प्रस्ताव भी जल्द भेजा जाए। इस तरह के निर्देश कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी अफसरों को दिए। कलेक्टोरेट में गुरुवार को शहर विकास के तीस से ज्यादा बिंदुओं पर चर्चा हुई।
पड़ाव के आरओबी पर 61 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। एनओसी के बाद रेलवे ने 80 मीटर के हिस्से में पुल बनाने के बदले 42 करोड़ मांगे हैं, जबकि पीडब्ल्यूडी को 750 मीटर में निर्माण के लिए 19 करोड़ चाहिए। प्रदेश सरकार ने अभी 35 करोड़ मंजूर किए हैं, इसलिए कलेक्टर ने कहा कि 61 करोड़ का नया एस्टीमेट भेजा जाए। साइंस कॉलेज से नैनागिर तक फोरलेन बन रहा है। बीच में नीडम के पास रेलवे फाटक बार-बार बंद होता है। बैठक में आरओबी के लिए तैयार 55 करोड़ के एस्टीमेट पर चर्चा हुई। पीडब्ल्यूडी 910 मीटर में ब्रिज बनाएगा, जबकि 60 मीटर के हिस्से में रेलवे काम करेगा। कलेक्टर ने एस्टीमेट सरकार के पास भेजने व रेलवे की टीम से तत्काल निरीक्षण कराने का निर्देश दिया।
डिस्टर्ब हो गई बैठक: विकास के मुद्दे पर बैठक चालू तो टाइम पर हुई पर एक घंटे में खत्म नहीं हो सकी। इसी कारण इस बैठक को बीच में रोक कर पहले सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की गई। इसके बाद फिर विकास बैठक चली पर बाद में बातचीत का फ्लो बिगड़ चुका था।
शहर विकास की समीक्षा बैठक लेते कलेक्टर पी. नरहरि एवं उपस्थित अधिकारी।
बिना बैज के नहीं चलेंगे टेंपो
शहर में टेंपो स्टील बैज के बिना नहीं चल पाएंगे। टेंपो पर बैज लगाने की कार्रवाई पूरी होने के बाद बिना बैज वाले टेंपो की धरपकड़ की जाएगी। पूर्व में प्रिंटेड स्टीकर भी इसी मंशा से लगाए गए थे, लेकिन बरसात में उनके धुल जाने से धरपकड़ मुहिम नहीं चल सकी।
: सड़क पर निर्माण सामग्री तो ठेकेदार पर होगी कार्रवाई
सड़क पर निर्माण सामग्री डालकर निर्माण करने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया। यह निर्णय पहले भी हो चुका है, लेकिन अमल नहीं किया गया। ऐसे स्थानों पर इस सामग्री के कारण जाम लग जाता है।
:निगम करेगा मॉनीटरिंग : शहर के प्रमुख मार्गों पर ऑफिस न खुलें इसकी निगरानी नगर निगम का अमला करेगा। ऑफिस के लिए कोई भी इमारत किराए पर देने से पहले निगम से अनुमति लेनी होगी।
यहां बनना है फ्लाईओवर
बैठक में शहर के लिए चार फ्लाईओवर ब्रिज को जरूरी मानकर चर्चा हुई। इनके प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं। शुक्रवार को सुबह 10.30 बजे कलेक्टर पी. नरहरि व निगम कमिश्नर विनोद शर्मा मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे।
आरओबी के दो नियम
मौके पर जाकर करेंगे निरीक्षण
बिजली कंपनी पर गुस्सा
: परमिट न मिलने से रुके पोल शिफ्टिंग के काम ने सड़कों का काम रोक रखा है। इस पर कलेक्टर ने बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री पर गुस्सा दिखाया और कहा कि वे सीएम से बात करेंगे। :मोहना के नए औद्योगिक क्षेत्र व बेस्टर्न बायपास में वन भूमि की दिक्कतों को दूर करने मुख्य वन संरक्षक ने विस्तार से चर्चा की। जो समस्याएं लोकल हैं वे यहीं पर निपट जाएंगी। :माधव प्लाजा का काम चालू करें। पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण को पत्र लिखा जाए कि जो शर्त होंगी उनको पूरा किया जाएगा। :थाटीपुर में 23 एकड़ जमीन पर 1010 आवास की योजना फाइल में बंद होने पर कलेक्टर नाराज हुए। उन्होंने कहा कि उपायुक्त हाउसिंग बोर्ड कॉन्सेप्ट प्लान की सीडी मुझे भेजें। : एजी ब्रिज से विक्की फैक्टरी तक रोड चौड़ीकरण पर कलेक्टर ने बात की। साथ में निर्देश दिए कि अगले माह तक काम पूरा करें। अन्य सड़कें भी मार्च तक पूरी करने पर जोर दिया। : पार्क होटल की जमीन पर नगर निगम ने अपना दावा किया है। यहां पर बहुमंजिला भवन बनना है। कलेक्टर ने एडीएम से कहा कि वे रिकॉर्ड देखें।
: यदि रेलवे लाइन पर पहले से ब्रिज है और एक और ब्रिज बनना है तो रेल लाइन के ऊपर के हिस्से में निर्माण रेलवे करेगा। इसका खर्च प्रदेश सरकार से लिया जाता है। पड़ाव पुल पर ऐसा ही हुआ।
: यदि रेलवे लाइन पर फाटक है और यहां पर ब्रिज बनना है तो रेलवे फाटक के ऊपरी हिस्से में निर्माण खुद कराता है पर वहां की सरकार से पैसा नहीं लेता है। ऐसा नीडम वाली रोड पर होगा।
:शिंदे की छावनी- रामदास घाटी से पुलिस चौकी तक। लंबाई 700 मीटर। लागत 32 करोड़।
:रॉक्सी टॉकीज- कंपू से रॉक्सी टॉकीज होकर गोरखी तक। लंबाई 900 मीटर। लागत 41 करोड़।
:हजीरा क्षेत्र- चौराहे से चार शहर का नाका तक। लंबाई 1100 मीटर। लागत 49 करोड़।
:बारादरी चौराहा- चौराहा से नारकोटिक्स दफ्तर तक। लंबाई 1000 मीटर। लागत 45 करोड़।
शहर विकास और सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ट्रैफिक सुधारने पर रहा फोकस