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मैं गृहमंत्री बाबूलाल गौर आपको सब सुविधाएं दूंगा, आप अच्छा काम करो

7 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता - ग्वालियर
मैं गृहमंत्री बाबूलाल गौर हूं, आपके सुझाव सुनूंगा। सब सुविधाएं दूंगा। बस, आपको प्रसन्न रहकर अच्छा काम करना है। पुलिस जनता के नजदीक आए, अच्छी छवि बने। गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने एसपी ऑफिस सभागार में पुलिस अफसरों का परिचय लेने के बाद अपना परिचय दिया। इसके बाद सुविधाएं देने का वादा किया और अपनी अपेक्षाएं भी बताईं। पहले उन्होंने ग्वालियर-चंबल संभाग के आईजी, डीआईजी और एसपी की बैठक ली और उसके बाद इनके मातहतों को बताया कि कैसे काम करना है। बैठक लगभग डेढ़ घंटे चली। इसमें प्रमुख सचिव गृह आरके स्वाई, एडीजी गुप्त वार्ता राजीव टंडन, आईजी ग्वालियर आदर्श कटियार, आईजी चंबल एमएस अफजल शामिल थे।
बैठक में एसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि जिले में अपराधों में कमी आई है, पुलिस कंट्रोल रूम वैन और चीता स्क्वाड प्रभावी ढंग से काम कर रहा है। जनता की शिकायतों का निवारण हर स्तर पर किया जा रहा है।




हमारा मकसद पुलिस को खोजी बनाना

गृहमंत्री से की शिकायत

बैठक लेकर एसपी ऑफिस सभागार से निकले गृहमंत्री बाबूलाल गौर से रमेश पाराशर ने शिकायत की कि दो लोग उसका मकान हड़पने की कोशिश कर रहे हैं, इसको लेकर वे धमकाते भी हैं। मुरार थाने की पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। गोला का मंदिर पर रहने वाले प्रवीण सिंह ने शिकायत कि उनकी बहन सुषमा की हत्या पति और अन्य परिजन ने मिलकर कर दी थी। इस मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।

संवाददाताओं से चर्चा करते गृहमंत्री बाबूलाल गौर व अन्य अधिकारी।

गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने संवाददातों से चर्चा करते हुए कहा कि पुलिस को सड़क और चौराहों पर दिखाई देना चाहिए। मेले-ठेलों की व्यवस्थाएं भी पुलिस की जानकारी में हों, ताकि रतनगढ़ जैसा हादसा दोबारा न हो। हमें पुलिस को खोजी पुलिस बनाना है। सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर न पहुंचे बल्कि ऐसी घटनाओं की परिस्थितियां पुलिस की जानकारी में होना चाहिए।

पांच हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती होगी

> राष्ट्रीय स्तर के मापदंड के हिसाब से प्रदेश में 90 हजार पुलिसकर्मियों की आवश्यकता है। इनमें से पच्चीस हजार की भर्ती की जा चुकी है, पांच हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए प्रक्रिया चल रही है। भाजपा की सरकार से पहले पुलिसकर्मियों की भर्ती नहीं हो रही थी। राज्य शासन ने कुल बजट का 3.6 प्रतिशत हिस्सा पुलिस के लिए आवंटित किया है। > पुलिस कर्मचारियों को अगले दस साल में आवास उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इस बीच इनका मकान किराया भत्ता भी बढ़ाया जाएगा। > हर थाने में महिला डेस्क हो। ग्वालियर में यह काम कल से शुरू हो जाएगा। > थाने में हर महीने एक बार क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों से पुलिस सीधा संवाद करे। > प्रदेश भर में 84 टूरिस्ट चौकियां स्थापित की जाएंगीं। > अवैध रेत उत्खनन को गंभीरता से ले रहे हैं रेत उत्खनन के लिए लोगों को चिह्नित करने का काम किया जा रहा है।

महीने में दो दिन कुछ समय की छुट्टी देने पर विचार

> महीने में दो दिन पुलिसकर्मियों को कुछ समय की छुट्टी देने पर विचार किया जाएगा। यह मामला एएसपी वीरेंद्र जैन ने उठाया था।

> प्रत्येक बीट में एक चार पहिया वाहन होना चाहिए। यह मामला डीएसपी ट्रैफिक अजय त्रिपाठी ने उठाया था। इस पर भी विचार करने का आश्वासन दिया गया।

> पौष्टिक आहार भत्ता डीएसपी स्तर तक मिलना चाहिए और इसे महंगाई भत्ते की तरह बढ़ाना चाहिए। यह मांग डीएसपी ट्रैफिक हरिवंश कन्हौआ ने रखी थी। इस पर भी गृहमंत्री ने जल्द ही विचार करने का आश्वासन दिया।

> सभी महानगरों में पुलिसकर्मियों के बच्चों की पढ़ाई के लिए हॉस्टल की व्यवस्था की बात कही गई, इस पर भी गृहमंत्री ने विचार करने की बात कही।

यह सब तो करना होगा

पुलिस अफसरों की बात सुनने के बाद श्री गौर ने अपनी अपेक्षाएं बताईं। कहा यह सब तो आपको करना होगा। > पुलिस सड़क और चौराहों पर दिखाई दे। > कन्या महाविद्यालयों, चौराहों, मेलों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस की प्रभावी मौजूदगी रहना चाहिए। > थानों में प्रति माह जनसंवाद होना चाहिए। > सभी एसपी प्रति माह तीन दिन गांव में बिताएं। > सभी थानों में महिलाओं की सुनवाई के लिए अलग कक्ष हो।