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पीएमटी के बिना एमबीबीएस कर रहा एक और छात्र पकड़ा

7 वर्ष पहले
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ग्वालियर।

प्री मेडिकल टेस्ट दिए बिना गजराराजा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले एक और छात्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। छात्र मूल रूप से गोहद का रहने वाला है और साढ़े तीन लाख रुपए देकर सिलेक्ट हुआ था। जिस एमबीबीएस छात्र के जरिए डील की थी, उसकी मौत हो चुकी है। वहीं जिसको रुपए दिए गए थे, उसको पुलिस तलाश कर रही है।

एसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने वर्ष 2010 के जिन फर्जी छात्रों को गिरफ्तार किया था उन्होंने बताया था कि चक चंदोकर गोहद में रहने वाले अरुण जाटव पुत्र गंधर्व सिंह ने फर्जी तरीके से वर्ष 2010 में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था। इस आधार पर पुलिस ने अरुण को गिरफ्तार कर लिया। अरुण ने पूछताछ के दौरान बताया कि वर्ष 2007 में वह पड़ाव स्थित कोचिंग पर पीएमटी की तैयारी कर रहा था। यहां पर जीआरएमसी का छात्र ज्ञानसिंह भी आता रहता था। इसने कहा कि तुम मेरी जाति के हो और तुम बेकार ही मेहनत कर रहे हो। साढ़े तीन लाख रुपए दो तो बिना परीक्षा के ही तुम्हारा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश करवा दूंगा। ज्ञानसिंह ने अमित यादव से मिलवाया, इसके बाद मैंने फॉर्म भरकर दे दिया। फॉर्म भरते समय मैंने इस पर अंगूठा भी नहीं लगाया था, ऐसा करने के लिए इन दोनों ने मुझसे कहा था। रिजल्ट निकलने के दो दिन बाद ज्ञान सिंह ने बताया कि उसका सिलेक्शन हो गया है। इसके बाद भोपाल में काउंसलिंग हुई। सिलेक्शन होने के बाद अरुण ने तीन बार में साढ़े तीन लाख रुपए दिए।

रैकेट के बारह लोगों की तलाश : पुलिस को रैकेट के बारह लोगों की तलाश है। इनमें कुछ छात्र ऐसे हैं जिन्होंने वर्ष 2006 से पहले एमबीबीएस में प्रवेश लिया था और इनका नाम संदिग्ध लोगों की सूची में शामिल है। इसके अलावा पुलिस एक ऐसे डॉक्टर को भी तलाश रही है कि जिसके यहां पर इलाहबाद से आने वाले फर्जी छात्र ठहरते थे। यह डॉक्टर एक रिटायर्ड पुलिस अफसर का रिश्तेदार बताया जाता है।