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सेटेलाइट मैप से मकान देखकर वसूलेंगे टैक्स

8 वर्ष पहले
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ग्वालियर. आपका मकान दो या तीन मंजिल का है या आप इसका एरिया कम दिखाकर प्रॉपर्टी टैक्स भर रहे हैं तो आने वाले दिनों में आप पकड़े जा सकते हैं। इस प्रकार की टैक्स चोरी रोकने के लिए नगर निगम अब सेटेलाइट मैप को अपडेट करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए जल्द ही संपत्तियों का सर्वे कराकर उनकी जानकारी अपडेट की जाएगी।


निगम ने दो साल पहले हैदराबाद की स्टैक्स इंडिया लिमिटेड व एमपी ऑनलाइन के माध्यम से संपत्तियों का सर्वे कराकर शहर का जीआईएस ((जियोलॉजिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम)) मैप तैयार कराया था। इसमें संपत्तियों की छत देखकर उसके क्षेत्रफल का अंदाजा लगाया जा सकता है।

रिमोट सेंसिंग सिस्टम से पता चलेगा कितना बना है मकान

नगर निगम सीमा के 217 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में 2.13 लाख संपत्तियां हैं। इसमें अधिकांश लोगों ने निगम से एक या दो मंजिल भवन निर्माण की अनुमति ली है। लेकिन बाद में कुछ भवनों में दो मंजिल तक अतिरिक्त निर्माण करा लिया गया। नगर निगम के अफसरों ने ऐसी संपत्तियों का सेटेलाइट ((रिमोट सेंसिंग सिस्टम)) के माध्यम से सर्वे कराने का निर्णय लिया है।

चुनाव के बाद होंगे टेंडर

शहर की संपत्तियों की जानकारी के लिए सेटेलाइट मैप अपडेट कराया जाएगा। लोकसभा चुनाव के बाद टेंडर बुलाए जाएंगे। अभी जीआईएस मैप से भवन स्वामी की छत की साइज का पता चलता है। लेकिन सेटेलाइट मैप से इसकी ऊंचाई व चौड़ाई की भी जानकारी मिल सकेगी।
देवेंद्र चौहान, उपायुक्त संपत्ति कर

नए वार्डों की सीमा भी सेटेलाइट से जुड़ेगी

नगर निगम के संपत्ति कर रजिस्टर में 2.13 लाख संपत्तियां रजिस्टर्ड हैं। लेकिन संपत्ति कर सिर्फ 1.90 लाख संपत्तियों से ही वसूला जाता है। इन संपत्तियों से पिछले वर्ष 21.5 करोड़ रुपए की राशि वसूल की गई थी। अफसरों का मानना है कि इतनी संपत्तियों से 35 करोड़ रुपए तक की वसूली होना चाहिए।