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डेढ़ वर्ष बाद अब डायलिसिस सेंटर के लिए तलाश रहे जगह
भास्कर संवाददाता - देवास
डेढ़ वर्ष पूर्व शासन ने प्रदेशभर के प्रत्येक जिले में एक-एक डायलिसिस सेंटर स्थापित करने के आदेश दिए थे। खंडवा में मशीनें आ चुकी हैं जबकि इंदौर में तो सेंटर शुरू भी हो गया है लेकिन विभागीय अधिकारियों की अरुचि की वजह से जिले में अब तक ये सेंटर शुरू नहीं हो पाया है। अब तक मशीनें आना तो दूर जिला अस्पताल प्रबंधन ने जगह तक तलाश नहीं की है कि यह सेंटर कहां पर स्थापित किया जाए। हालांकि यह अच्छी खबर है कि डायलिसिस सेंटर के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर सहित स्टाफ ने प्रशिक्षण ले लिया है। इससे लोगों में आस बंधने लगी है कि अब जल्द ही यह सेंटर जिला अस्पताल में शुरू हो सकता है।
15 दिनों का प्रशिक्षण पूरा
इंदौर के टी-चोइथराम एंड रिसर्च सेंटर में जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग प्रमुख डॉ. अतुल पवनीकर सहित दो स्टाफ नर्स व एक लेब टेक्निशियन को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। इस टीम ने 15 कार्य दिवस तक वहां प्रशिक्षण लिया। इस दौरान उन्होंने डायलिसिस की पूरी विधि समझी और प्रयोग भी किया।
हर दिन जाते हैं बड़ी संख्या में मरीज
अधिकारियों के मुताबिक हर दिन बड़ी संख्या में जिलेभर से डायलिसिस के मरीज इंदौर के विभिन्न अस्पतालों में जाते हैं। इंदौर चोइथराम अस्पताल में ही 15 दिनों में 100 से अधिक मरीज देवास जिले से पहुंचे जिन्हें डायलिसिस की आवश्यकता थी। इसमें गरीबों से लेकर संपन्न मरीज भी शामिल थे।
5 घंटे लगते हैं डायलिसिस में
विशेषज्ञों के मुताबिक एक बार के डायलिसिस की पूरी प्रक्रिया में 5 घंटे का समय लगता है। ऐसे में एक मशीन से दिनभर में दो मरीज अटैंड किए जा सकते हैं। साथ ही एक बार डायलिसिस में 1500 से 2000 रुपए तक का खर्च आता है। यदि देवास में यह व्यवस्था शुरू हो जाती है तो गरीबों के आने-जाने का खर्च बचेगा, डायलिसिस फीस भी बचेगी।
॥हमने प्रशिक्षण ले लिया है। टीम पूरी तरह से तैयार है। मिनरल वॉटर फिल्टर प्लांट भी इसके लिए आवश्यक है। डायलिसिस के दौरान कई बार तबीयत बिगडऩे पर आईसीयू में रखना पड़ता है। ऐसे में आईसीयू के समीप डायलिसिस सेंटर स्थापित किया जाना उचित होगा। जितनी अधिक मशीन आएं, उतना अच्छा है।ञ्जञ्ज
डॉ. अतुल पवनीकर, विभाग प्रमुख मेडिकल विभाग व डायलिसिस यूनिट इंचार्ज जिला अस्पताल देवास।
खंडवा में मशीनें आ चुकी हैं जबकि इंदौर में शुरू हो चुका है, यहां जिला अस्पताल में शुरू होना है सेंटर, टीम ने लिया प्रशिक्षण