आज जरूरत है हर भेद को मिटाने की
इंदौर कस्तूरबाग्राम कन्या महाविद्यालय के ‘स्वर्ण जयंती वर्ष’ के अवसर पर चल रही ’बापू कथा’ का शुभारंभ चौथे दिन भजन ‘मन वाणी कर्म में सत्य ही बोल...’ से शुरू हुआ। नारायणभाई देसाई ने कहा कि हर भेद को मिटाने की जरूरत है। गांधीजी ने यही किया। उनके जीवन में कई लोगों से मतभेद अवश्य हुए, इनमें उनके सुपुत्र हरिलाल, बाबा साहेब आंबेडकर, सुभाषचंद्र बोस शामिल थे परंतु मनभेद किसी से भी नहीं था। वे सत्य के पुजारी थे। श्रेय के मार्ग पर चलने वाले थे जिसमें कल्याण था। उन्होंने यह भी कहा कि अछूत कहना गुनाह है, परंतु आज भी कुछ जगहों पर भेद है। हर भेद को मिटाने के लिए लोगों का मन बदलने की जरूरत है। स्कूल और कॉलेज के स्टूडेंट्स ने उनका स्वागत किया।