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प्रदेश बारिश से फसलों को नुकसान, किसानों ने की सर्वे की मांग

8 वर्ष पहले
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सैटेलाइट डेस्क इंदौर
कड़ाके की सर्दी, कोहरा और ऊपर से बारिश, मौसम के इस कहर से फसलें बरबाद होने की स्थिति में आ गई हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार-गुरुवार रात बारिश हुई। कहीं-कहीं तो ओले भी पड़े।
- धार, देवास, झाबुआ व आलीराजपुर जिले में बुधवार रात हुई बारिश से गेहूं की फसल आड़ी हो गई। डालर चने के फूल झर गए हैं। प्याज, आलू, लहसुन व टमाटर की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। किसानों ने सर्वे की मांग की है। जानकार किसानों का कहना है कि आने वाले दो-तीन दिन और ऐसा ही मौसम रहा तो फसलों को और अधिक नुकसान होगा। अंचल में तीसरे दिन भी शीतलहर का दौर जारी रहा। आलीराजपुर व झाबुआ में न्यूनतम व अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, देवास में न्यूनतम तापमान .7 डिग्री कम हुआ तो अधिकतम तापमान 1.1 डिग्री बढ़ा।
- निमाड़ अंचल में भी मावठे का दौर जारी रहा। बुधवार रात और गुरुवार को तेज बारिश के साथ ओले भी गिरे। खड़ी फसल धराशायी हो गई। चने व सरसो के फूल गिरने के साथ ही मिर्च भी खराब हो गई। कई क\\\'चे मकान गिर गए। सनावद के लोहारी, कोटल्याखेड़ी, गुलजारी और नयापुरा गांव में 15 मिनट तक ओले गिरे, जबकि आधा घंटा मूसलधार बारिश हुई। लोहारी के पास बाकुंड में बाढ़ आ गई। वहां की पुलिया डूब गई। बड़वानी में भी गेहूं की फसल आड़ी हो गई। कलेक्टर शोभित जैन ने नुकसानी के आंकलन के आदेश दिए हैं।
- उधर, गुना, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, अशोकनगर और सीहोर जिलों में भी तेज बारिश हुई। कुछ जगह ओले भी पड़े। हजारों हेक्टेयर में गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई। चने में इल्लियां पडऩा शुरू हो गई है। किसान 50 फीसदी तक नुकसान की बात कह रहे हैं।