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प्रभु हमारे हृदय में बसे हैं, उन्हें अंतर्मन में खोजें

8 वर्ष पहले
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नंदा नगर में चल रही भागवत कथा में दूसरे दिन पं. व्यास ने कहा
इंदौर - परमात्मा के प्रति प्रेम और श्रद्धा का भाव जरूरी है। इसके बिना भगवान की भक्ति और भागवत श्रवण की पात्रता नहीं मिल सकती। भागवत में सभी संशयों का निदान है, यह मोक्ष की कथा है। यह बात आचार्य पं. ईश्वरचंद्र व्यास ((जूनागढ़)) ने नंदा नगर गोल स्कूल में भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को कही। उन्होंने कहा प्रभु भक्ति के लिए हिमालय जाने की जरूरत नहीं, वे कण-कण और हमारे हृदय में हैं। जरूरत है उन्हें खोजने की। भागवत रूपी सत्य को अंतर्मन में स्थापित करें।