रुक सकेगा छात्रों का डबल रजिस्ट्रेशन
डीबी स्टार :इंदौर
डीबी स्टार द्वारा मामला उठाने के बाद इस मामले को लेकर मेडिकल स्टूडेंट्स ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने स्टूडेंट की मांग को सही माना और मामले को समझते हुए तुरंत प्रमुख सचिव और डीएमई को कार्रवाई करने के लिए आदेशित किया। चिकित्सा शिक्षा मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी तुरंत मांगों को मानने के लिए आदेशित किया है। प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव सहित डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन ने भी इस मामले में स्टूडेंट की मांग को सही बताया है।
बंद होगा अलग-अलग रजिस्ट्रेशन
मध्यप्रदेश के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएट कक्षाओं में एडमिशन के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन करवाना होता है। इसके लिए काउंसलिंग भी अलग-अलग होती है। डीबी स्टार ने १९ जनवरी को यह मामला उठाया था। मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने इस मांग को मानते हुए एक सिंगल रजिस्ट्रेशन शुरू करने पर सहमति दे दी है। अब प्राइवेट और गवर्नमेंट कॉलेजों में एडमिशन के लिए एक ही रजिस्ट्रेशन होगा, जिससे दोनों स्थानों पर सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया में पारदर्शिता रहेगी। अभी तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, जिससे स्टूडेंट प्राइवेट और गवर्नमेंट दोनों कॉलेजों में एडमिशन ले लेता है और सीटें ब्लॉक कर लेता है। बाद में प्राइवेट कॉलेज सीट छोडऩे के बावजूद उसे खाली नहीं बताते हुए स्टूडेंट्स को बेच देते हंै। डीबी स्टार ने 14 व 16 जनवरी को यह मामला प्रमुखता से उठाया था। इसी को देखते हुए अब मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट ने एडमिशन की प्रक्रिया ऑफलाइन करने की बात कही है। इससे स्टूडेंट को काउंसलिंग में खुद जाना होगा और दो स्थानों पर एडमिशन की संभावना खत्म हो जाएगी।
सीट छोडऩे वालों पर कार्रवाई
इसी प्रकार अब सीट पर एडमिशन लेकर उसे बीच में छोडऩे वाले स्टूडेंट्स पर भी कार्रवाई होगी। अभी तक स्टूडेंट अपनी मनमर्जी की सीट नहीं मिलने के बावजूद भी एडमिशन ले लेता था लेकिन दूसरे साल फिर परीक्षा में बैठ जाता था। इस बार मनपसंद ब्रांच मिलने की स्थिति में वह पुरानी सीट बीच में ही छोड़ देता था। इससे उस सीट पर दूसरे स्टूडेंट का हक मारा जाता था। अब ऐसा करने वाले स्टूडेंट पर पांच से दस लाख रुपए तक जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही उसके तीन साल तक परीक्षा या काउंसलिंग में बैठने पर भी रोक लगाने पर सहमति बनी है। डीबी स्टार ने यह मुद्दा भी उठाया था कि किस तरह सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अंतिम दिन तक काउंसलिंग चलाकर प्राइवेट कॉलेज वाले बची हुई सीट्स करोड़ों में बेच देते है। अब इस मामले पर भी विचार हुआ है कि काउंसलिंग सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई अंतिम तिथि से 15-20 दिन पहले खत्म होगी। इससे बची हुई सीटों की जानकारी मिल पाएगी और इन्हें एक और काउंसलिंग द्वारा भरने की संभावना रहेगी।
पीजी सीटों को ...पेज 1 से जारी
 सुझावों को शामिल किया है
इस मामले में स्टूडेंट्स के पास से हमें पांच-छह सुझाव आए है। 28-29 तक प्री-पीजी के संबंध में नियम बन जाएंगे, अभी इस पर काम चल रहा है। निश्चित ही इन सभी सुझावों को नियमों में शामिल किया जा रहा है। इससे प्री-पीजी को अच्छा बनाने में मदद मिलेगी और शिकायतें भी दूर हो जाएंगी।
- डॉ. एसएस कुशवाह, डीएमई- मध्यप्रदेश शासन