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आहत वात्सल्य और जख्मी इंसानियत की दास्तान
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सिटी रिपोर्टर इंदौर
एक ऐसी फिल्म जो आधारित है अपहरण और सिलेसिलेवार कत्ल पर, जिसमें बखूबी यह बताया गया है कि इस सुसंस्कृत और सभ्य समाज में कई मानसिक विकृतियां भी हंै। यह फिल्म हैं चेंजलिंग। डायरेक्टर क्लाइंट ईस्टवुड के निर्देशन में बनी ऐसी फिल्म जो सीरियल किलिंग की सत्य घटना पर आधारित है। रविवार को शहर की संस्था सिनेविजन ने इस फिल्म की स्क्रीनिंग की।
फिल्म में अपनों को खो देने का भय। आहत वात्सल्य, प्रशासनिक लापरवाहियों पर गुस्सा, अकेलेपन की हताशा, असुरक्षा और आवेश जैसे भाव हंै। संस्था के सचिव राकेश मित्तल बताते हैं कि फिल्म को तीन श्रेणियों में ऑस्कर और आठ श्रेणियों में बाफ्टा पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।
अभिनय
क्रिस्टीन के किरदार में एंजलीना ने बेटे के खो जाने का दु:ख, कहीं भय, प्रशासन की लापरवाही पर गुस्सा, निराशा, असुरक्षा और आक्रोश को बखूबी व्यक्त किया। हत्यारे गॉर्डन के किरदार में जेम्स बटलर हार्नर ने भी उम्दा अभिनय किया।
निर्देशन
क्लाइंट ईस्टवुड की कल्पनाशीलता कमाल की है। उन्होंने उस मां की दुविधा को भी बखूबी चित्रित किया जब उसे इस बात का अहसास हो गया कि वह बच्चा उसका बेटा नहीं है। अपहरण और मनोरोगी के हाथों सिलेसिलेवार कत्ल की बर्बरता को भी उन्होंने खूब दिखाया। कुछ दृश्यों में सिम्बॉलिक लैंग्वेज बेहतरीन थी। जैसे कंटीले तार के पार लगा खून और इस शॉट से ब्लैकआउट होकर क्रिस्टीन के चेहरे का क्लोज़अप।
कहानी
फिल्म १९२८ में लॉस एंजिल्स में हुए ‘वाइनविल चिकन कूप मर्डर्स’ शृंखलाबद्ध अपहरण और हत्याकांड पर आधारित है। यह फिल्म भारत में हुए निठारी हत्याकांड की याद भी दिलाती है। इसमें गॉर्डन नॉर्थकॉट नाम के मनोरोगी सीरियल किलर के फार्म हाउस से कई बच्चों के नर कंकाल बरामद हुए थे। क्रिस्टीन कॉलिंस नौ साल के बेटे वॉल्टर के साथ रहती है। एक रात काम से लौटने पर वह पाती है कि वॉल्टर घर पर नहीं है। वह रिपोर्ट दर्ज कराती है। क्रिस्टीन वॉल्टर को ढूंढने की हरसंभव कोशिश करती है कि, लेकिन सब बेकार। पांच महीने बाद उसे प्रशासन से सूचना मिली कि वॉल्टर मिल गया है। क्रिस्टीन अपने बेटे को लेने जाती है। बेटे को घर लाने पर उसे अहसास होता है कि वह उसका बेटा नहीं है। असल में प्रशासन वॉल्टर से हमशक्ल बच्चों को क्रिस्टीन को सौंप देती है। क्रिस्टीन पुलिस को यह सब बताती है, लेकिन नाकामी छिपाने के लिए प्रशासन इस सच को स्वीकार नहीं करता। बल्कि क्रिस्टीन को अवसादग्रस्त बताकर मानसिक चिकित्सालय में भेज देता है। इसी बीच हत्यारे गॉर्डन का खुलासा होता है। क्रिस्टीन चिकित्सालय से बाहर आकर पुलिस पर मुकदमा करती है।
 फिल्म चेंजलिंग का एक दृश्य।