राइटर्स एजुकेशन और हेल्थ पर भी लिखें
ञ्ज्ररु्य स्॥ह्रङ्ख
सिटी रिपोर्टर इंदौर
वोट डालना या फिर चुनाव लडऩा ही राजनीति नहीं है। राजनीति को समग्रता में देखना चाहिए। लेखिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक आजादी जैसे विषयों पर लिखना चाहिए। वे राजनीति में भागीदारी बनें। यह विचार सामाजिक कार्यकर्ता और एडवोकेट अनिल त्रिवेदी ने व्यक्त किए। वे बतौर चीफ गेस्ट सोमवार को ‘भारत में राजनीति का वर्तमान स्वरूप’ विषय पर संबोधित कर रहे थे।
गणतंत्र दिवस के मौके पर इंदौर लेखिका संघ की ओर से होटल अप्सरा में कार्यक्रम हुआ। उन्होंने कहा कि भारत में आजादी का आंदोलन भारतीय राजनीति का शुरूआती दौर था। महात्मा गांधी ने जिस तरीके से राजनीतिक जनजागरण किया उसका आजाद हिंदुस्तान के प्रारंभिक दौर में बहुत ज्यादा प्रभाव रहा। गांधी ऐसे वकील थे जिन्होंने पेशेगत वकालत से ज्यादा समग्र राजनीति की वकालत की। इसके कारण आंदोलनों में दिग्गज से लेकर सामान्य आदमी भी भागीदार था।