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राजगढ़ से लोकसभा चुनाव लडऩे को राजी नहीं थे दिग्विजय सिंह
पलसूद ((बड़वानी)) - जिला मुख्यालय से ५० किमी दूर पलसूद में बच्चों को पुराना जंग लगा हैंड ग्रेनेड ((हथगोला)) मिला। सूचना के बाद बीडीएस ((बम डिस्पोजल स्क्वॉड)) इंदौर की टीम ने पलसूद पहुंचकर बम बरामद किया। जहां बम मिला उस जगह को उपकरणों की मदद से जांचा। खाली जमीन के दोनों ओर चार घंटे तक जांचपड़ताल की गई। टीम ने हथगोले को मैगजीन में सील किया और शाम को इंदौर के लिए रवाना हो गई। एसपी ने भी मौका मुआयना किया और अफसरों को जांच के निर्देश दिए। राजपुर टीआई आरके गेहलोत ने बताया रविवार शाम करीब ६ बजे वार्ड क्रमांक३ के साई कॉलोनी में खाली पड़ी जमीन पर शौच के लिए गई मुस्कान को गेंद जैसा लोहे का टुकड़ा दिखा। उसने इसे उठाया और अन्य बच्चों को दिखाया।
भास्कर न्यूज - भोपाल
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह राजगढ़ से लोकसभा चुनाव नहीं लडऩा चाहते थे। विधानसभा सत्र के दौरान दिग्विजय ने कहा था कि वे राजगढ़ छोड़कर किसी अन्य सीट से लोकसभा लडऩा चाहते हैं, हालांकि उनका तर्क था कि यहां से कांग्रेस के नारायण सिंह आमला वे सांसद हैं। उनका टिकट काटकर वे चुनाव नहीं लडऩा चाहते।
सूत्र बताते हैं कि इसकी असल वजह विधानसभा चुनाव में राजगढ़ में कांग्रेस का खराब प्रदर्शन है। राजगढ़ संसदीय क्षेत्र की आठ में से छह विधानसभा सीटें भाजपा के पास हैं। कांग्रेस इस संसदीय क्षेत्र की केवल दो सीटें राघोगढ़ और नरसिंहगढ़ ही जीत पाई है। चांचौड़ा से कांग्रेस की हार खासी चौंकाने वाली है। सूत्रों के अनुसार दिग्विजय सिंह ने सागर, विदिशा और इंदौर में अपनी उम्मीदवारी को लेकर सर्वे कराया था। विदिशा से वे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज को टक्कर देना चाहते थे। विदिशा से मौका नहीं मिलने पर उनकी इच्छा सागर से चुनाव लडऩे की थी।
पलसूद में बच्चों को मिला हैंड ग्रेनेड