आर्मी ज्वाइन करें ज्यादा से ज्यादा युवा
सिटी रिपोर्टर इंदौर
देश के सैनिक हर परिस्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। हम उस मिट्टी में पैदा हुए हैं जो बलिदानों की माटी है। सैनिकों में वीरता कूट-कूटकर भरी हुई है। यह बात कारगिल युद्ध के नायक और परमवीर चक्र से सम्मानित सूबेदार योगेंद्र यादव ने कही। उन्होंने कहा ज्यादा से ज्यादा युवा सेना में आएं। जो युवा किन्हीं कारण से सेना में शामिल नहीं हो पाएं वे जिस भी क्षेत्र में रहे ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। यादव कन्नौद से बीमानगर पहुंचे। यहां पर विधायक महेंद्र हार्डिया, मनोज तिवारी, राजेश तिवारी आदि ने स्वागत किया। कुछ देर रुककर वे अहमदाबाद के लिए रवाना हुए।
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एक ही लक्ष्य था टाइगर हिल पर तिरंगा फहराना
यादव ने कारगिल युद्ध के बारे में बताते हुए कहा 25 जवान की प्लाटून हमारे पास थी। लक्ष्य था-टाइगर हिल पर जाकर सबसे पहले हमला करना है। हम उस रास्ते से गए जहां से पाकिस्तानी दुश्मन अंदाजा भी नहीं लगा सकते थे। बर्फीले तूफान के बाद सिंगल रास्ते से रस्सी के सहारे एक-दूसरे जवान का हाथ पकड़कर चलते गए। दो रात और एक दिन की लगातार चढ़ाई की। रास्ते में पाकिस्तानी सैनिकों से आमना-सामना हुआ। इस बीच हम सात जवान ही ऊपर पहुंच पाए। नजरें दौड़ाई तो सामने पाकिस्तानी बंकर और जवान दिखाई दिए। हमारा एक ही इरादा था कि ज्यादा से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतारना है। लड़ाई में पाकिस्तानी सैनिकों को मार दिया। इसके बाद 30-35 पाकिस्तानी जवान और आ गए। अंधाधुंध फायरिंग हुई। इसमें छह सैनिक शहीद हो गए। मैं घायल हो गया, मेरे बाजू और पैर में गोली लगी थी, बावजूद इसके हौंसला बुलंद था। पाकिस्तानी जवानों ने हमें रि-चेक किया। बाद में मैंने एक हैंडग्रेनेड निकाला, इसमें पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। उसी दौरान पाकिस्तानी सैनिकों को मैसेज आया कि नीचे हिंदुस्तान की पोस्ट को बर्बाद कर दो। इसके बाद जैसे-तैसे में पोस्ट में पहुंचा और कमांडर को सूचना दी। उन्होंने मुझसे पूछा कि दुश्मन कहां हैं, मैंने उन्हें पूरी जानकारी दी। इसके बाद दो-तीन दिन बाद होश आया तो पता चला कि दूसरी टीम ने उसी रात रवाना हुई और टाइगर हिल पर तिरंगा फहरा दिया।