जीवन में सकारात्मक सोच रखें
सिटी रिपोर्टर इंदौर
जीवन मूल्यवान है। कई बार परिस्थितियां अच्छी होने के वावजूद भी इंसान को सुख नहीं मिलता। इसलिए जरूरी है कि जीवन की तरफ देखने का दृष्टिकोण सकारात्मक रखें। यह विचार मुंबई से ख्यात साहित्यकार प्रसाद कुलकर्णी ने व्यक्त किए। वे ‘आनंद यात्रा’ विषय पर संबोधित कर रहे थे।
मंगलवार को महाराष्ट्र साहित्य सभा के 56वें शारदोत्सव के तहत व्याख्यानमाला शुरू हुई। सांईनाथ कॉलोनी व सांईनाथ कॉर्पोरेशन हाउसिंग सोसायटी और राममंदिर के सहयोग से स्व. कमलाकर प्रधान की स्मृति में हुए कार्यक्रम में प्रसाद कुलकर्णी ने कहा कि आपाधापी वाले जीवन में से सुख ढूंढकर खुश रहना भी एक कला है। साइली देव ने सरस्वती वंदना और माय मराठी गीत प्रस्तुत किया। इस मौके पर अमिताभ प्रधान और नारायण घाटे मौजूद थे। अतिथि स्वागत सुलभा डाकवाले ने किया। संचालन राजीव किल्लेदार ने दिया। आभार भोपटकर ने किया।
‘यशांच गुपीत काय’
पर व्याख्यान आज
मीडिया प्रभारी मृगेन गदेवाड़ीकर ने बताया कि 29 जनवरी को समर्थ मठ संस्थान और सहकार महर्षि स्व. डॉ. अमणापुरकर पारमार्थिक न्यास के संयुक्त तत्वावधान में पंतवैद्य कॉलोनी स्थित सभागृह में मुंबई से प्रसाद कुलकर्णी ‘यशांच गुपीत काय’ विषय पर बोलेंगे। समय शाम 7 बजे रहेगा।
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