व्यापारी खुद धराया माल चोरी मामले में
डीबी स्टार :इंदौर
गत 8 सितंबर 2013 की शाम को न्यू महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट कंपनी के लोडिंग वाहन एमपी 09 एल पी 7028 में माल की बिल्टी व बिल न पाए जाने पर सेल्स टैक्स विभाग के अधिकारी ने इस वाहन को माल समेत जत कर विभाग के अफीम गोदाम में रखवा दिया। 9 सिंतबर की रात करीब साढ़े तीन बजे इसी ट्रांसपोर्ट के कुछ कर्मचारियों ने गोदाम के सिक्योरिटी गार्ड को डरा-धमकाकर सेल्स टैक्स के गोदाम में जत अपने ही ट्रक से माल चोरी कर लिया।
पुलिस नहीं लिख रही एफआईआर
इस पूरे मामले की जानकारी गोदाम के सिक्योरिटी गार्ड ने पुलिस को सूचना दी और अपने बयान के तौर पर शपथ पत्र भी पेश किया, लेकिन पुलिस इस पूरे मामले पर एफआईआर करने से बच रही है। अब ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक पुलिस में शिकायत करने की बात को लेकर सिक्योरिटी गार्ड को पीटने की धमकियां दे रहा है। न्यू महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट कंपनी का एक ट्रक टैक्स चोरी के एक अन्य मामले में उज्जैन में भी जत किया गया है। इस ट्रक में भी सामान की बिल्टी व बिल नहीं मिलने पर उज्जैन सर्कल के अधिकारियों ने इसे जत कर लिया है। डीबी स्टार की पड़ताल के मुताबिक अब इस जत ट्रक पर विभाग लाखों की पैनाल्टी लगाने की तैयारी में है।
दबाव के लिए झूठी शिकायत
डीबी स्टार की पड़ताल के मुताबिक न्यू महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट का मालिक संतोष कुमार सालों से टैक्स चोरी कर माल मंगाता है। पकड़े जाने पर अधिकारियों को माल छोडऩे का दबाव बनाता है। पड़ताल के मुताबिक संतोष की गाड़ी पकडऩे से विभाग के सारे अधिकारी पीछे हटते हंै क्योंकि वह अपने ही ट्रक से माल चोरी करवाने के बाद पैनाल्टी भरकर माल छुड़वा लेता है और फिर विभाग के अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए वह उनकी शिकायत करता है। संतोष सेल्स
जब्त गाडिय़ों और सामान की जिम्मेदारी उठाने वाली कंपनी के सिक्योरिटी गार्ड की तरफ से व्यापारी के खिलाफ शपथ पत्र दिया गया है।
टैक्स चोरी में जत ...पेज 1 से जारी
टैक्स विभाग की लगभग सभी महिला अधिकारियों की कई बार झूठी शिकायतें कर चुका है जिसके चलते उनके ट्रांसफर तक की नौबत आ चुकी है। किसी भी माल की बिल्टी व बिल ने होने पर या वैट कर अधिनियम 2002 की धाराओं का उल्लंघन होने पर यह माल व बिल में गड़बड़ी होने पर सेल्स टैक्स विभाग के अधिकारी ले जाए जाने वाले वाहन को माल समेत जत कर सकते हैं। इसके लिए वैट कर अधिनियम 2002 की धारा 57 ((5)) के तहत वाणिज्यिक कर विभाग के कमिश्नर अपने अधीनस्थ अधिकारियों को पॉवर डेलीगेट करते हैं। यह पॉवर कुछ घंटों से लेकर महीनों तक के लिए हो सकती है। जिन अधिकारियों को यह पॉवर डेलीगेट की जाती है सिर्फ वही अधिकारी परिवहित माल जांच कर सकते हैं और उचित बिल्टी व बिल न मिलने पर वाहन को माल समेत जत कर सकते हैं।
300 गाडिय़ां जत होती हैं हर माह
इंदौर के सेल्स टैक्स विभाग के ऑफिस गोदाम तक टैक्स चोरी करने वाली करीब 300 गाडिय़ां या इससे ज्यादा गाडिय़ां हर महीने जत कर पहुंचाई जाती हैं। इन सभी जत गाडिय़ों को छावनी स्थित अफीम गोदाम लाकर खड़ा कर दिया जाता है। यहां पर इन जब्त गाडिय़ों को लेकर सुरक्षा की जिम्मेदारी निजी सुरक्षा कंपनी को सौंपी गई है। यह सुरक्षा कंपनी जत गाडिय़ों की एंट्री करता है और जब तक इन जतशुदा गाडिय़ों पर पैनाल्टी लगाकर उन्हें छोडने की प्रक्रिया पूरी नहीं होती जिम्मेदारी इसी कंपनी की होती है। पैनाल्टी जमा करने संबंधी रसीद दिखाए जाने के बाद ही सिक्योरिटी कंपनी इन जत गाडिय़ों को कैम्पस से बाहर जाने की इजाजत दे सकती है।
 हम खुद भी परेशान हैं
न्यू महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट का मालिक कार्रवाई से बचने के लिए आए दिन हमारे अफसरों को परेशान करता रहता है। खुद का ही माल चुराकर अधिकारियों पर आरोप लगा देता है। हम खुद भी उससे बहुत परेशान हैं। इस पूरे मामले में हेड ऑफिस स्तर पर पत्राचार चल रहा है।
श्रीकांत सोनवलकर, डिप्टी कमिश्नर सेल्स टैक्स
 छानबीन चल रही है
हमारे पास ट्रांसपोर्टर का सिर्फ नाम है। हमने सेल्स टैक्स गोदाम में तैनात सुरक्षाकर्मी के बयान लिए हैं। कुछ अन्य लोगों के बयान लिए जाना अभी बाकी है। फिलहाल इस मामले में छानबीन चल रही है।
देवीसिंह, संयोगितागंज थाना, हेड कांस्टेबल
 चुराया खुद का माल
न्यू महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट के मालिक संतोष ने चार-पांच आदमियों के साथ मुझे धमकाया और खुद ही के जब्त माल की चोरी कर ली। मैंने पुलिस को इस पूरे मामले को लेकर शिकायत की है। मैंने इसके लिए शपथ-पत्र भी दिया है, लेकिन पुलिस अब भी ट्रांसपोर्ट मालिक के खिलाफ एफआईआर नहीं लिख रही है।
सज्जन सिंह, सिक्योरिटी गार्ड अफीम गोदाम
एफआईआर भी नहीं &सिक्योरिटी वाले रिपोर्ट लिखवाने के लिए काट रहे हैं चक्कर, लेकिन पुलिस एफआईआर के लिए नहीं है तैयार