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सीधे दिल्ली रिपोर्ट कर रहे सर्वे करने वाले
डीबी स्टार :इंदौर
लोकसभा में देश की सबसे बड़ी और पुरानी कांग्रेस पार्टी में टिकट वितरण को लेकर इस बार नई रणनीति बनाई गई है। इस पर टिकट का दारोमदार बहुत कुछ कांग्रेस के पीएम उम्मीदवार राहुल गांधी के पास है। यही कारण है कि देशभर की लोकसभा सीट में किसे टिकट दी जाए किसे नहीं यह तय करने के लिए राहुल गांधी अपने स्तर पर एक खुफिया सर्वे करवा रहे हैं। यह सर्वे पिछले माह से चल रहा है। यह कौन कर रहा है अधिकृत किसी को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई है। इसमें देशभर के कांग्रेस विश्वसनीय पदाधिकारियों को लगाया गया है जो कि डाटा एकत्रित करने का काम कर रहे हैं। कौन कहां सर्वे कर रहा है इसकी जानकारी केवल राहुल गांधी की कोर कमेटी को है। इस सर्वे में लोकसभा सीट के संभावित दावेदार और मौजूदा प्रत्याशी के बारे में सभी तरह की जानकारी ली जा रही है। इस जानकारी को कोर कमेटी को दी जाएगी। इसी के आधार पर टिकट का फैसला लिया जाएगा। इसमें यूथ कांग्रेस भी शामिल है।
एक-एक सीट पर चार से पांच लोग कर रहे हैं जानकारी जुटाने का काम
लोकसभा की एक-एक सीट पर सर्वे का काम चार से पांच लोगों को दिया गया है। किस सीट पर कितने लोग रहेंगे यह संबंधित सीट पर निर्भर है। क्षेत्र और जनसंख्या के आधार पर सर्वे कर रहे लोगों की संख्या पर निर्भर है।
सचिन राव के पास पहुंचाने हैं डाटा
राहुल गांधी के इस सर्वे को अमलीजामा राहुल गांधी की कोर कमेटी के विशेष सलाहकार सचिन राव के पास कमान है। सर्वे की जानकारी फिल्टर करने के बाद सचिन ही सीधे राहुल गांधी तक पहुंचा रहे हैं। इसकी रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी उनको सौंपी गई है। हालांकि वे इस बारे में जानकारी देने को तैयार नहीं है। डीबी स्टार ने जब उनसे बात की तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई। यूथ ब्रिगेड के जरिए प्रत्याशियों से संबंधित डाटा एकत्र करवाया जा रहा है। इस बारे में संबंधित पदाधिकारी बोल नहीं रहे हैं मगर डीबी स्टार के पास सर्वे की पुख्ता जानकार है। इस काम में लगे कुछ लोगों से डीबी स्टार ने ऑफ रिकॉर्ड बात में यह जानकारी दी।
हम पिछले माह से सर्वे कर रहे हैं
ऐसे ही सर्वे में लगे पदाधिकारी ने बताया कि राहुल गांधी अपने स्तर पर दावेदारों और मौजूदा प्रत्याशियों पर गोपनीय सर्वे करवा रहे हैं। इसके लिए देशभर से कांग्रेस के विभिन्न संगठनों के कुछ पदाधिकारियों को लगाया गया है। संबंधित पदाधिकारियों को अपने प्रदेश को छोड़कर दूसरे प्रदेशों में यह काम सौंपा गया है। सर्वे की पूरी कमान राहुल गांधी जी के विशेष सलाहकार सचिन राव जी के पास हैं। हमारी सर्वे की पूरी रिपोर्ट फिल्टर होकर उन्हीं के पास जाएगी, जिसे वे सीधी राहुल गांधी तक पहुंचाएंगे। सर्वे किस आधार पर होगा इसके लिए बिंदु दिए गए हैं। जिनके आधार पर हमें सर्वे करना है।
वरिष्ठों को भी नहीं जानकारी
खास बात यह है कि इस खुफिया सर्वे की जानकारी संबंधित जिले और प्रदेश के कांग्रेस पदाधिकारियों के पास भी नहीं है। इसे पूरी तरह से गोपनीय रखा गया है। यह भी हिदायत दी गई है कि जो लोग सर्वे में लगे हैं वह किसी के भी सामने अपनी पहचान ओपन नहीं करें। जानकारियां जुटाने में भी इस बात का ध्यान रखा जाए कि संबंधित प्रत्याशी को इसकी जानकारी नहीं लगे।
टिकट के लिए राहुल ...पेज 1 से जारी
यह ली जा रही है जानकारी
संभावित प्रत्याशी व मौजूदा प्रत्याशी के बारे में लोग क्या राय रखते हैं। लोगों को ऐसे कौन से काम हैं जो संभावित प्रत्याशी के बारे में याद हैं। कितने समय से प्रत्याशी क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रत्याशी की जीवनशैली कैसी है। लोगों से संपर्क करने का तरीका कैसे हैं। लोगों की समस्याओं को किस हद तक हल किया है? क्या वे क्षेत्र की जनता से आसानी से मिलते हैं या नहीं। चुने हुए प्रत्याशी पांच साल में कितनी बार लोगों के बीच गए, किन मुद्दों को लेकर गए और उनका परिणाम क्या हुआ। संबंधित प्रत्याशी का व्यवहार संगठन में दूसरे पदाधिकारियों से कैसे रहा। क्या वो सबको साथ लेकर चले यह अपने अनुसार काम करते रहे। संगठन स्तर पर प्रत्याशी को संगठन में कितना स्वीकार किया जाता है, जैसी कई बातों पर जानकारी जुटाई जा रही है।
 डाटा लेने का उनका खास तरीका है
राहुल गांधी के जिस सर्वे की बात आप कर रहे हैं। मुझे उसकी जानकारी नहीं है। मगर यह जरूर है कि उनका जानकारियां एकत्र करने का एक अलग तंत्र है, जो पारंपरिक तरीके से अलग है। इसके लिए पदाधिकारियों द्वारा दी जानकारी के साथ कुछ एजेंसियां भी हैं। इन्हीं के आधार पर सीधे ग्राउंड रिपोर्ट उन तक पहुंचती है, जो निर्णय लेने में सहायक होती है। पहुंचने वाली जानकारियां 100 प्रतिशत सटीक हों यह तो नहीं कहा जा सकता मगर इसके आस-पास होती हैं। जबकि पहले पार्टी पदाधिकारी ही जानकारियां पहुंचाते थे।
सत्यदेव कटारे, नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस, मध्यप्रदेश
गुटबाजी पर भी नजर & संभावित प्रत्याशियों और दावेदारों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए लगाई गई हैं टीमें