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साइंस की रिसर्च में हम चीन व साउथ कोरिया से पीछे

7 वर्ष पहले
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सिटी रिपोर्टर इंदौर
विज्ञान व रिसर्च पर उतना काम देश में नहीं हो रहा है, जितनी जरूरत है। आज चाइना और साउथ कोरिया जैसे देश रिसर्च में हमसे कई गुना आगे हैं। चाइना में साइंस पर 22 हजार पीएचडी हो रही हैं, जबकि भारत में प्रतिवर्ष केवल 8 हजार। साउथ कोरिया जैसे देश हर साल अरबों रुपया खर्च कर विज्ञान के क्षेत्र में सुधार पर कर रहे हैं, जबकि हमारे यहां यह राशि बेहद कम है। यह बात भारत रत्न से सम्मानित प्रो. सी एन आर राव ने गुरुवार को आईआईटी इंदौर और जवाहरलाल नेहरू सेंटर के वैज्ञानिकों द्वारा आयोजित सम्मेलन में कहीं।




आज डेली कॉलेज में मिलेंगे बच्चों से

31 जनवरी को प्रो. राव डेली कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में स्कूली बच्चों से चर्चा करेंगे।

साइंटिस्ट्स के लिए यहां न माहौल

है न सुविधाएं

प्रो. राव ने कहा कि भारत में विज्ञान पर काफी कम राशि खर्च हो रही है। इसे बढावा देने की जरूरत है। हमारे वैज्ञानिक यूएस व अन्य देशों में जाकर अच्छी रिसर्च करते हैं लेकिन देश में नहीं, इसके पीछे भी वजह है। वहां सुविधाएं ज्यादा है, इसलिए वे जल्दी सफल हो जाते हैं। यहां न माहौल है न सुविधाएं। कुछ देशों से हम जरूर आगे हैं लेकिन विज्ञान पर हमारा देश 5 फीसदी तो साउथ कोरिया 45 प्रतिशत राशि खर्च कर रहा है। अगर यही स्थिति रही तो हम उस रफ्तार से आगे नहीं बढ़ पाएंगे, जितनी उम्मीद की जा रही है। आईआईटी जैसे संस्थानों में ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं देने की जरूरत है।

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