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- विश्व शांति के लिए श्रद्धालुओं ने तीन घंटे तक की मंगलकामना
विश्व शांति के लिए श्रद्धालुओं ने तीन घंटे तक की मंगलकामना
-बावनगजा में तीन दिनी वार्षिक मेले के दूसरे दिन हुआ श्री शांति विधान मंडल पूजन, शाम को हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम
-आज होगा भगवान श्री आदिनाथ का मस्तकाभिषेक, मनाएंगे भगवान आदिनाथ का निर्वाण कल्याणक दिवस
फोटो 28 बीडब्ल्यूएन 4 बड़वानी. शांति मंडल विधान का पूजन करते श्रद्धालु।
फोटो 28 बीडब्ल्यूएन 5 बड़वानी. मंडल विधान पूजन में महिलाओं ने भी भागीदारी कर विश्व शांति की कामना की।
फोटो 28 बीडब्ल्यूएन 7 बड़वानी. भगवान श्री आदिनाथजी की विश्व प्रसिद्ध प्रतिमा का बुधवार को 1008 कलशों से मस्तकाभिषेक होगा।
भास्कर संवाददाता. बड़वानी
विश्व प्रसिद्ध जैन तीर्थ सिद्धक्षेत्र बावनगजा में सोमवार से शुरू हुए तीन दिनी वार्षिक मस्तकाभिषेक महोत्सव मेले के दूसरे दिन शांति मंडल विधान पूजन हुआ। संगीतमयी मंत्रोच्चार से वादियां गूंज उठी। विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने मंडल विधान पूजन में शामिल होकर विश्व शांति व कल्याण की कामना की। कार्यक्रम में करीब तीन घंटे तक चले पूजन में करीब 500 श्रद्धालुओं ने संगीतमयी भजन एवं मंत्रोच्चार के बीच विश्व शांति व कल्याण के लिए पूजन कर भगवान की आराधना की। इस दिन शाम तक करीब दो हजार लोगों ने मेले में धर्मलाभ लिया। मेले का विशेष आकर्षण बुधवार को रहेगा। मेले के अंतिम दिन सुबह कलश शोभायात्रा निकलेगी। भगवान श्री आदिनाथ की विश्व प्रसिद्ध प्रतिमा का 1008 कलशों से मस्तकाभिषेक किया जाएगा। इसमें प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पांच हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे।
सुबह से शाम तक यह हुआ
मंगलवार को सुबह 6.30 बजे नित्य अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन हुआ। सुबह 10 बजे आहारचर्या के बाद दोपहर 1 बजे श्री शांति विधान मंडल पूजन हुआ। शाम 4 बजे तक मंडल विधान पूजन हुआ। तीन घंटे तक सैकड़ों भक्तों ने भगवान की आराधना की। 4.30 बजे प्रवचन हुए। 6.30 बजे महाआरती की गई।
मंच से संतों ने दिए आशीर्वचन, भक्तों ने लगाए जयघोष
दोपहर में प्रवचन में मंच से पूज्य 108 श्री आर्जवसागरजी महाराज, पूज्य आर्यिका श्री विदक्षाश्री माताजी, पूज्य विभक्तश्री माताजी एवं पूज्य श्रीधर्मेश्वरी माताजी ने आशीर्वचन दिए। भक्तों ने संत और भगवान के जयघोष लगाए। प्रतिष्ठाचारी पं. नितिन भैया एवं पं. मौसम शास्त्री ने मंत्रोच्चार के साथ विधि विधान से शांति मंडल विधान पूजन कराया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में बिखरे भक्ति के रंग
शाम 7 बजे संगीतमयी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भक्ति के रंग बिखरे। निमाड़ जैन समाज महिला मंडल की अध्यक्ष सुनंदा जैन ने बताया इसमें निमाड़ के विभिन्न स्थानों से आई महिलाओं के बीच विविध भक्ति प्रतियोगिताएं हुई। इनमें महिलाओं ने भागीदारी की।
आज दिनभर ये होंगे कार्यक्रम
बुधवार को सुबह 6.30 बजे नित्य अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन होगा। सुबह 9.30 बजे प्रवचन, 10.30 बजे साधारण सभा की बैठक, 11 बजे कलश शोभायात्रा। 11.15 बजे भगवान श्री आदिनाथ का 1008 कलशों से मस्तकाभिषेक।
इन्हें मिला मस्तकाभिषेक व निर्वाण लाड़ू का सौभाग्य
मस्तकाभिषेक में प्रथम कलश का सौभाग्य राकेश कुमार पन्नालाल गोधा व गोधा परिवार मनावर को मिला है। इसी तरह निर्वाण लाड़ू का सौभाग्य रानी अशोककुमार दोशी व दोशी परिवार बाकानेर को मिला एवं महाआरती का सौभाग्य नरेंद्र कुमार जैन इंदौर को प्राप्त हुआ। बावनगजा ट्रस्ट के अध्यक्ष राजकुमार जैन, सहमंत्री जितेंद्र गोधा एवं प्रबंधक इंद्रजीत मंडलोई ने बताया इस धार्मिक आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
इन स्थानों के श्रद्धालु आएंगे
दाहोद, भोपाल, इंदौर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, राणापुर, झाबुआर, कुक्षी, बड़वाह, सनावद आदि स्थानों के श्रद्धालु आएंगे।
20 वर्षों से आ रहे मेले में
फोटो 28 बीडब्ल्यूएन 6 बड़वानी. मेले में धार्मिक आयोजन में शामिल हुए अशोक कुमार, नरेशचंद्र जैन, विजय कुमार जैन, सुरेशचंद्र जैन।
मेले में पूजन में शामिल हुए कुक्षी के नरेशचंद्र जेन, मनावर के अशोक कुमार पाटनी, सुरेशचंद्र जैन एवं इंदौर के विजय कुमार जैन ने बताया हम लोग अपने परिवार के साथ पिछले 20 वर्षों से यहां पर आ रहे हैं। तीन दिनी मेले के धार्मिक आयोजन में शामिल होकर भगवान श्री आदिनाथ के दर्शन कर धर्मलाभ ले रहे हैं।
भास्कर संवाददाता - बड़वानी
विश्व प्रसिद्ध जैन तीर्थ सिद्धक्षेत्र बावनगजा में सोमवार से शुरू हुए तीन दिनी वार्षिक मस्तकाभिषेक महोत्सव मेले के दूसरे दिन शांति मंडल विधान पूजन हुआ। संगीतमयी मंत्रोच्चार से वादियां गूंज उठी। विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने मंडल विधान पूजन में शामिल होकर विश्व शांति व कल्याण की कामना की। कार्यक्रम में करीब तीन घंटे तक चले पूजन में करीब 500 श्रद्धालुओं ने संगीतमयी भजन एवं मंत्रोच्चार के बीच विश्व शांति व कल्याण के लिए पूजन कर भगवान की आराधना की। इस दिन शाम तक करीब दो हजार लोगों ने मेले में धर्मलाभ लिया। मेले का विशेष आकर्षण बुधवार को रहेगा। मेले के अंतिम दिन सुबह कलश शोभायात्रा निकलेगी। भगवान श्री आदिनाथ की विश्व प्रसिद्ध प्रतिमा का 1008 कलशों से मस्तकाभिषेक किया जाएगा। इसमें प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पांच हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे।
मेले में पूजन में शामिल हुए कुक्षी के नरेशचंद्र जेन, मनावर के अशोक कुमार पाटनी, सुरेशचंद्र जैन एवं इंदौर के विजय कुमार जैन ने बताया हम लोग अपने परिवार के साथ पिछले 20 वर्षों से यहां पर आ रहे हैं। तीन दिनी मेले के धार्मिक आयोजन में शामिल होकर भगवान श्री आदिनाथ के दर्शन कर धर्मलाभ ले रहे हैं। दाहोद, भोपाल, इंदौर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, राणापुर, झाबुआर, कुक्षी, बड़वाह, सनावद आदि स्थानों के श्रद्धालु आएंगे।
20 वर्षों से आ
रहे मेले में
आज दिनभर ये होंगे कार्यक्रम
बुधवार को सुबह 6.30 बजे नित्य अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन होगा। सुबह 9.30 बजे प्रवचन, 10.30 बजे साधारण सभा की बैठक, 11 बजे कलश शोभायात्रा। 11.15 बजे भगवान श्री आदिनाथ का 1008 कलशों से मस्तकाभिषेक।
मस्तकाभिषेक में प्रथम कलश का सौभाग्य राकेश कुमार पन्नालाल गोधा व गोधा परिवार मनावर को मिला है। इसी तरह निर्वाण लाड़ू का सौभाग्य रानी अशोककुमार दोशी व दोशी परिवार बाकानेर को मिला एवं महाआरती का सौभाग्य नरेंद्र कुमार जैन इंदौर को प्राप्त हुआ। बावनगजा ट्रस्ट के अध्यक्ष राजकुमार जैन, सहमंत्री जितेंद्र गोधा एवं प्रबंधक इंद्रजीत मंडलोई ने बताया इस धार्मिक आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
इन्हें मिला मस्तकाभिषेक व निर्वाण लाड़ू का सौभाग्य
सांस्कृतिक कार्यक्रम में बिखरे भक्ति के रंग
शाम 7 बजे संगीतमयी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भक्ति के रंग बिखरे। निमाड़ जैन समाज महिला मंडल की अध्यक्ष सुनंदा जैन ने बताया इसमें निमाड़ के विभिन्न स्थानों से आई महिलाओं के बीच विविध भक्ति प्रतियोगिताएं हुई। इनमें महिलाओं ने भागीदारी की।
मंच से संतों ने दिए आशीर्वचन भक्तों ने लगाए जयघोष
दोपहर में प्रवचन में मंच से पूज्य 108 श्री आर्जवसागरजी महाराज, पूज्य आर्यिका श्री विदक्षाश्री माताजी, पूज्य विभक्तश्री माताजी एवं पूज्य श्रीधर्मेश्वरी माताजी ने आशीर्वचन दिए। भक्तों ने संत और भगवान के जयघोष लगाए। प्रतिष्ठाचारी पं. नितिन भैया एवं पं. मौसम शास्त्री ने मंत्रोच्चार के साथ विधि विधान से शांति मंडल विधान पूजन कराया।
मंगलवार को सुबह 6.30 बजे नित्य अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन हुआ। सुबह 10 बजे आहारचर्या के बाद दोपहर 1 बजे श्री शांति विधान मंडल पूजन हुआ। शाम 4 बजे तक मंडल विधान पूजन हुआ। तीन घंटे तक सैकड़ों भक्तों ने भगवान की आराधना की। 4.30 बजे प्रवचन हुए। 6.30 बजे महाआरती की गई।
सुबह से शाम तक यह हुआ
मंडल विधान पूजन में महिलाओं ने भी भागीदारी कर विश्व शांति की कामना की।
मस्तकाभिषेक - बावनगजा में तीन दिनी वार्षिक मेले के दूसरे दिन हुआ श्री शांति विधान मंडल पूजन, सुबह निकाली शोभायात्रा, शाम को हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम