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170 किलोमीटर में सरकार ने बदल दिए सहायता देने के मानक

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - बड़वानी
सरकार एक है फिर नियम अलग क्यों। जब ओंकारेश्वर में शासन ने नए पुल का निर्माण शुरू किया। वहां के नाविकों को आर्थिक परेशानी न हो इसके लिए नाव चलाने वाले प्रत्येक परिवार को 5-5 एकड़ भूमि प्रशासन ने मुहैया कराई। साथ ही प्रत्येक परिवार के 1-1 सदस्य को शासकीय नौकरी भी दी। जिले के केवट समाज का यही कहना है। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पत्र लिखकर अपनी बात कही है। संतोष केवट एवं बबलू केवट ने कहा शासन एक है। सरकार एक तो फिर नियम अलग-अलग क्यों हैं। ओंकारेश्वर यहां से 170 किलोमीटर है। जो नियम वहां लागू होते हैं यहां भी होते हैं। इसी तरह मंडलेश्वर में भी नया पुल बनाते समय वहां के 41 नाविक परिवारों को शासन ने आर्थिक सहायता की पेशकश की थी। ओंकारेश्वर-मंडलेश्वर की तरह शासन ने छोटी कसरावद के पास नए पुल का निर्माण कराया। इससे नाव चलाने का व्यवसाय ठप हो गया एवं केवट समाज के लोगों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसा नहीं है कि केवट समाज ने पहली बार इस बात का शासन तक पहुंचाया है। केवट समाज के लोगों के अनुसार 7 अगस्त 2003 एवं 21 अगस्त 2003 को तत्कालीन प्रभारी मंत्री बाला बच्चन से मुलाकात की थी लेकिन कोई निराकरण नहीं निकला।



ञ्चओंकारेश्वर और मंडलेश्वर की तरह नाविकों ने की मांग

केवट समाज ने सीएम को लिखे पत्र, जमीन और शिक्षा की मांग