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गुनगुनी धूप में भगवान का चरणामृत पाने की लगी होड़

7 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - बड़वानी
सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में बुधवार को भगवान श्री आदिनाथजी के जयघोष गूंज उठे। संगीतमयी भजनों के साथ गूंजते मंत्रोच्चार में हर कोई उत्साहित होकर भगवान की आराधना में झूमता नजर आया। दोपहर 2.15 बजे जैसे ही भगवान श्री आदिनाथ का मस्तकाभिषेक शुरू हुआ ढोल-ढमाके की धुन के साथ तालियों की गडग़ड़ाहट गूंज उठी। बुधवार को यह नजारा शहर से 10 किमी दूर विश्व प्रसिद्ध जैन तीर्थ सिद्धक्षेत्र बावनगजा में दिखाई दिया। सोमवार से लगे तीन दिनी वार्षिक मस्तकाभिषेक महोत्सव मेले के अंतिम दिन नित्य अभिषेक, शांतिधारा, धर्मसभा, कलश शोभायात्रा, मस्तकाभिषेक, निर्वाण लाड़ू और महाआरती हुई। इसके साथ ही मेले का समापन हुआ। मेले में मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों सहित राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, चैन्नई, पश्चिम बंगाल आदि शहरों के करीब पांच हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने भगवान की आराधना कर विश्व शांति व कल्याण की कामना की। प्रतिष्ठाचारी पं. नितिन भैया एवं पं. मौसम शास्त्री ने मंत्रोच्चार के साथ विधि विधान से पूजन व अन्य धार्मिक आयोजन पूर्ण कराए। इस मौके पर कलेक्टर शोभित जैन ने भी पीले वस्त्र धारण कर कलशाभिषेक किया। परिवार सहित पूजन किया।




मंगलवार रात को बावनगजा में मंच पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। जैन समाज के निमाड़ महिला मंडल के तत्वावधान में महिलाओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में शामिल होकर अपनी प्रतिभा दिखाई।

बावनगजा - सतपुड़ा की वादियों में गूंजे आदिनाथ के जयघोष, विभिन्न शहरों से पांच हजार लोग पहुंचे

दोपहर 12.30 बजे प्रवचन में मंच से पूज्य 108 श्री आर्जवसागरजी महाराज ने कहा बाजार में बिक रही चाकलेट, केक, पिज्जा, चिप्स का त्याग करें। बच्चों को इनका सेवन न करने दें। इनमें से कई खाद्य पदार्थों में पशुओं के मांस व अंडे का उपयोग होता इसलिए बाजार से ऐसी वस्तुएं नहीं खरीदें। बूचडख़ानों में रोजाना हजारों गायें काटी जाती हैं। इन सबको रोका जाना चाहिए। गाय और अन्य सभी जीवों की रक्षा करनी चाहिए। आज बाजार में पशुओं के चमड़े से बनी वस्तुएं भी बिक रही हैं। हमें जीवों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। चमड़े से बनी वस्तुओं का त्याग करें। मुनिश्री ने मंच से सभी को संकल्प दिलाया वहीं उपस्थित श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर संकल्प लिया। इसके अलावा तीर्थों में स्वच्छता रखने का भी संकल्प लिया। मंच पर विराजित पूज्य आर्यिका श्री विदक्षाश्री माताजी, पूज्य विभक्तश्री माताजी एवं पूज्य श्रीधर्मेश्वरी माताजी ने भी आशीर्वचन दिए। कार्यक्रम में मंच से निर्माण कार्यों की घोषणा भी की गई। कलशों व अन्य कार्यक्रमों की बोलियां भी लगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाजसेवी मुलायमचंद्र जैन इंदौर थे।



सुबह 6.30 बजे नित्य अभिषेक, शांतिधारा एवं पूजन हुआ। 10 से 1.20 बजे तक प्रवचन, 1.30 बजे कलश शोभायात्रा। 2.15 बजे भगवान श्री आदिनाथ का मस्तकाभिषेक शुरू। 2.31 बजे निर्वाण लाड़ू चढ़ाया। 2.35 बजे महाआरती हुई।



कब क्या हुआ



प्रवचन में मुनिश्री ने कहा - चमड़े से बनी वस्तुओं का उपयोग त्यागे, लोगों ने हाथ उठाकर लिया संकल्प



इन्हें मिला सौभाग्य

मस्तकाभिषेक में प्रथम कलश का सौभाग्य राकेश कुमार पन्नालाल गोधा व गोधा परिवार मनावर को मिला है। इसी तरह निर्वाण लाड़ू का सौभाग्य रानी अशोक कुमार दोशी व दोशी परिवार बाकानेर को मिला एवं महाआरती का सौभाग्य नरेंद्र कुमार जैन इंदौर को प्राप्त हुआ। इस दौरान बावनगजा ट्रस्ट के अध्यक्ष राजकुमार जैन, डॉ. संपत सेठी, प्रकाश जैन, सहमंत्री जितेंद्र जैन, राजप्रकाश पहाडिय़ा, प्रबंधक इंद्रजीत मंडलोई सहित अन्य ट्रस्टी एवं जैन समाज के पदाधिकारी एवं समाजजन उपस्थित थे।