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पढ़ाई करने के लिए आए थे, सीखा दिया फुटबॉल खेलना

7 वर्ष पहले
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बड़वानी। चार साल पहले हमारे कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए अफ्रीका से आए थे। कालेज में दोस्ती हुई। इसके बाद फुटबॉल सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे सभी की फुटबॉल खेलने के लिए रूचि बढऩे लगी। जो आज एक बड़ी टीम का रूप ले चुका है। ये पांचों खिलाड़ी हमारी टीम की शान है। हर बड़ी प्रतियोगिता में टीम की जीत इनके खेल पर निर्भर करती है। जो पढ़ाई के लिए आए थे। उन्हीं ने फुटबॉल खेलना सीखा दिया।
शहर में चल रहे निमाड़ गोल्ड कप अखिल भारतीय फुटबाल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आई महाराष्ट्र की शमा स्पोट्र्स पुसद की टीम के कप्तान वसीम जोय ने टीम में शामिल पांच अफ्रीकन खिलाडिय़ों के संदर्भ में ये बातें कही। उन्होंने बताया टीम में पांच अफ्रीकन खिलाड़ी जानसन केवीन, हेनरी ऑरओज, ऑस्कर योजो, हेनरी ए व डेवीड उबा खेल रहे है। ये पांचों अफ्रीकन हमारे बाबा नायक इंजीनियरिंग कालेज ((बीएन कालेज)) में चार साल पहले पढ़ाई के उद्देश्य से आए थे। यहां सभी फुटबॉल खेलते थे लेकिन तेज व जल्द फुटबॉल खेलने की कला इन पांचों खिलाडिय़ों ने सीखाई है। यह सभी अफ्रीकन या अंग्रेजी भाषा में ही हमें खेल की बारीकियां सिखाते है। जो हमारी टीम के लिए रीड की हड्डी का काम करते है। कोच असलम जिंद्रान व मैनेजर लतीफ गौरी ने बताया अटेकिंग व एग्रेसिव खेल ही इन खिलाडिय़ों की पहचान है। इससे यह किसी भी टीम पर हावी होकर आसानी से जीत हासिल कर लेते है। इन खिलाडिय़ों की मदद से हमने कई बड़ी प्रतियोगिताओं के साथ नेशनल प्रतियोगिता में कब्जा जमाया है। अफ्रीका में फुटबॉल खेल बहुत लोकप्रिय है। वहां का खेल
उन्होंने हमें सीखाया है। वर्तमान में हमारे क्लब में करीब 50 से 60 खिलाड़ी फुटबॉल खेलना सीख रहे है। ये उन्हें खेल की बारीकियां सिखा रहे हैं।



महाराष्ट्र की शमा स्पोट्र्स से पुसद की टीम में खेल रहे है पांच अफ्रीकन खिलाड़ी