• Hindi News
  • अमितेष ने ६४ घंटे जिंदगी से किया संघर्ष, अंतत: मौत

अमितेष ने ६४ घंटे जिंदगी से किया संघर्ष, अंतत: मौत

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता. बड़वानी
नासिक ((महाराष्ट्र)) में हुई दुर्घटना में अमितेष पिता कैलाशचंद्र गुप्ता ((23)) जैन मंदिर निवासी की शुक्रवार रात को मौत हो गई। शनिवार शाम 4.20 बजे नासिक से जैन मंदिर चौराहा स्थित निवास पर परिजन शव लेकर पहुंचे। 64 घंटे जीवन-मृत्यु से संघर्ष के बाद शुक्रवार रात करीब 10.30 बजे अमितेष ने नासिक के निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली। भाई का मृत चेहरा देखकर अंकिता की रूलाई फूट पड़ी। पापा भैया को अभी तो लाए थे, इतनी जल्दी कहां ले जा रहे हो। पापा भैया के दोस्तों को यहां से भगा दो। सब को भगा दो तो भैया को कोई कहीं नहीं ले जा पाएगा। अमितेष की बहन अंकिता ने विलाप के दौरान यह शब्द कहे। पिता कैलाशचंद्र व बहन अंकिता व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। दुर्घटना से परिवार का इकलौता पुत्र छीन गया। बाप-बेटी दोनों एक-दूसरे को समझाने का प्रयास करते फिर रो पड़ते। परिवार की बुजुर्ग महिलाओं ने दोनों को संभाला। 8 मिनट शव घर में रखा गया। 13 मिनट में अंतिम यात्रा की अन्य विधियां पूरी कर शाम 4.41 बजे राजघाट के लिए अमितेष की अंतिम यात्रा रवाना हुई। ब्रेन हेमरेज के चलते करीब छह साल पहले भाभी सरोजदेवी भाई कैलाश को छोड़कर चली गई। अब जवान भतीजा अमितेष ((23)) भी साथ छोड़ गया। काका रवि गुप्ता ने कहा भाभी की मौत के बाद से भैया स्वयं को अकेला महसूस करते थे। फिर भी हमें यह संतुष्टि थी कि उनके साथ अमितेष है।