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मकान के लिए प्रदूषण बोर्ड की एनओसी जरूरी

8 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता. बड़वानी
अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी ((अनापत्ति प्रमाण-पत्र)) के बिना मकान नहीं बना सकेंगे। जल संरक्षण के लिए ग्रे-वाटर री-साइकिलिंग सिस्टम ((घरेलू बेकार पानी के पुर्नचक्रण)) का प्लान नक्शे में दर्शाने पर ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी मिलेगी। इसके बाद ही नगर पालिका निर्माण की अनुमति दे सकेगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने जल संरक्षण के लिए नगर पालिका एक्ट में यह संशोधन किया है। एनओसी नहीं लेने पर 5 हजार रुपए जुर्माने व दंड का प्रावधान है। यह आवासीय व व्यावसायिक भवन पर लागू है।




इन पर लागू होगा नियम



ञ्च 100 या इससे अधिक आवासीय मकानों की कॉलोनी।

ञ्च 2000 स्क्वेयर मीटर व अधिक में बनने वाले व्यावसायिक परिसर।

ञ्च होटल, कॉम्प्लेक्स।

नक्शे में दिखाना होगा सिस्टम

घर के बेकार पानी का री-साइकिलिंग सिस्टम नक्शे में दर्शाना होगा। ग्रे-वाटर ट्रीटमेंट के बाद उपयोगी हो जाता है। इससे पेड़-पौधों की सिंचाई हो सकती है। वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम कहां और किस तरह लगाया जाएगा, यह भी स्पष्ट करना होगा। यह नियम नई व पुरानी योजनाओं पर लागू होगा।

मकान बनाने जितनी मेहनत का काम

घर बनाना आसान नहीं है। दिन-रात की मेहनत व जीवनभर की कमाई लग जाती है। घर बनाने जितना ही मेहनत भरा काम घर बनाने की अनुमति लेना भी है। नजूल, पीएचई, ट्रैफिक, टीएनसीपी आदि विभागों की एनओसी लेना जरूरी है। इसमें प्रदूषण विभाग की एनओसी और जुड़ गई। अनुमति के लिए निगम में आवेदन फॉर्म ((3 प्रति में)) देना होगा। इसमें ये डॉक्यूमेंट चाहिए।



कहीं वाटर हार्वेस्टिंग जैसा न हो जाए नियम का हश्र

प्रदूषण बोर्ड से अनुमति के नियम का हश्र कहीं वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जैसा न हो जाए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मल्टी स्टोरी के लिए रूफ वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य किया है। नक्शे में सभी प्लान देते हैं, लेकिन इक्का-दुक्का बिल्डिंग में ही यह नजर आता है। निर्माण कार्यों की मॉनीटरिंग के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास अमला नहीं है।

पालन कराएंगे

॥ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के नए नियम का पालन कराएंगे। निगम के पीडब्ल्यूडी विभाग के जरिये भवन निर्माण अनुज्ञा जारी करने से पहले सभी नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए हैं।ञ्जञ्ज

-कुशलसिंह डोडवे, सीएमओ

नक्शे में बताना होगा गंदे पानी की री-साइकिलिंग कैसे करेंगे

जारी किए निर्देश