- Hindi News
- नहीं मिल रहा कोयला, खत्म हो सकती है परियोजना
नहीं मिल रहा कोयला, खत्म हो सकती है परियोजना
ञ्चअगले चरण में परियोजना खत्म करने का प्रस्ताव भेज सकती है कंपनी
भास्कर संवाददाता - खंडवा/बीड़
दादाजी ताप विद्युत परियोजना समाप्त की जा सकती है। कोल ब्लाक आवंटन नहीं मिलने के कारण यह फैसला लिए जाने की तैयारी पावर जनरेटिंग कंपनी ने की है। प्रदेश शासन की इस परियोजना को केंद्र सरकार से कोल ब्लाक आवंटन नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए चार साल से प्रयास जारी है लेकिन सफलता नहीं मिली है। यही कारण है कि शासन अब इस परियोजना को समाप्त करने की तैयारी कर रहा है। ब्लाक आवंटन नहीं मिलने के कारण परियोजना के लिए भू-अर्जन न करने के लिए 17 जनवरी को एक पत्र जिला प्रशासन को भेजा है। इसके बाद परियोजना समाप्त करने के लिए पत्र भेजने की तैयारी कंपनी कर रही है। सांसद अरुण यादव ने भारी उद्योग राज्यमंत्री रहते हुए परियोजना स्वीकृत कराई थी। सांसद यादव को फिलहाल परियोजना के अटकने की जानकारी नहीं है।
स्थगित कर दी भू-अर्जन कार्रवाई
भू-अर्जन नहीं करने के लिए पत्र आया है। भूअर्जन की कार्यवाही स्थगित कर दी है। कारण क्या हैं, यह नहीं बताया है।ø
- एसएस बघेल, एडीएम, जिला प्रशासन
सुपर क्रिटिकल कोल बेस्ड है दादाजी थर्मल पावर परियोजना
दादाजी थर्मल पावर मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी का प्रोजेक्ट है। सुपर क्रिटिकल कोल बेस्ड थर्मल पावर प्लांट पुनासा तहसील के गोराडिय़ां गांव में लगाया जाना है। इसमें 800-800 मेगावाट की दो यूनिट लगाई जाना है। इसके लिए लगभग 1682 एकड़ जमीन की जरूरत है। इसके रुकने से जिले के पावर हब बनने की दिशा में बड़ा धक्का लगेगा।
2010 से टल रही भू-अर्जन की कार्यवाही
भूअर्जन के लिए धारा 4 पहली बार 2010 में लगाई थी। कुछ महीने बाद इसे निरस्त कर दिया। इसके बाद फिर 11 अक्टूबर 2012 में धारा 4 लगाई। किसानों को नोटिस भेजे। इसके बाद 21 मार्च 2013 में धारा 9 लगाई। किसानों से उनकी जमीन पर काम रुकवा दिए। कुआं व अन्य निर्माण नहीं करने दिया। किसान अपनी जमीन नहीं बेच पाए। नियमानुसार धारा 4 लगने के बाद तीन साल में अवार्ड हो जाना चाहिए। इस परियोजना में ऐसा नही हो रहा है।
परियोजना समाप्त करने के यह हंै कारण
: परियोजना को कोल ब्लाक आवंटन नहीं मिल रहा है।
: भू-अर्जन नए कानून के मुताबिक करने में आ रही अड़चन।
: नए कानून के मुताबिक अब बाजार भाव से चार गुना मुआवजा देना होगा।
: विस्थापितों के पुनर्वास की जिम्मेदारी भी उठानी होगी।
: प्रभावित परिवारों के लोगों को नौकरी भी देनी पड़ सकती है।
दादाजी थर्मल पावर : पावर जनरेटिंग कंपनी ने भू-अर्जन नहीं करने के लिए जिला प्रशासन को भेजा पत्र