सामूहिक विवाह ९ को
बड़वानी - मुसलिम तेली तिरेपन गौत्र समाज की अगुवाई में ९ फरवरी को रिंगरोड इंदौर स्थित महक वाटिका में ७१ जोड़ों का सामूहिक विवाह होगा। हाजी अब्दुल रहीम तिगाले ने बताया इंदौर शहर में यह समाज का चौथा सामूहिक विवाह है। मुसलिम तेल समाज के शसुद्दीन खत्री, इकबाल यासीन बाबा, सहाबुद्दीन चौहान, असलम खिल्ची, पीर मोहम्मद तेली इंदौर, हाजी जाकिर निर्बाण सेंधवा, अनवर जिंद्र्रान खरगोन ने कहा सामूहिक विवाह में मप्र के साथ महाराष्ट्र, राजस्थान, छग के जोड़े निकाह कबूल करेंगे।
दु:ख की घड़ी में आप साथ हैं
शहर आमिल साहब होजेफाभाई नोमानी ने कहा डॉ. सैयदना साहब के गुजर जाने के बाद हमें कुछ भी समझ नहीं पड़ रहा था। ऐसे वक्त में आप लोग हमारे दु:ख में शामिल हुए। हम सब को सब्र बंधाया। इस वक्तको हम कभी भी नहीं भूल सकते। उसे भुलाया नहीं जा सकता। हमें डॉ. सैयदना साहब के गुजर जाने के बाद इसका सुकून है कि वे अपने जानशिन ५३वें धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब को कायम कर गए हैं।
लोगों ने कहा ऐसे बनाएं उनकी स्मृति को चिरस्थाई
> काली बेयड़ी में पक्षियों के दाने के लिए बनाए गए केंद्र का नाम डॉ. सैयदना साहब के नाम पर करने का प्रस्ताव डॉ. ओपी खंडेलवाल ने रखा। > पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम डॉ. सैयदना साहब के नाम पर रखने का प्रस्ताव रखते हुए वरिष्ठ समाजसेवी नानकसिंघ गांधी ने कहा १९९५ में डॉ. सैयदना साहब बड़वानी आए थे। उन्होंने पॉलिटेक्निक कॉलेज के लिए ७.५० लाख रुपए दिए थे।
बोहरा समाज के कार्यक्रम में संबोधित करते समाजसेवी डॉ. एसएन यादव।
भास्कर संवाददाता - बड़वानी
बोहरा समाज के ५२वें धर्मगुरु डॉ. सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन साहब ने बोहरा समाज के साथ-साथ पर्यावरण, जलसंवर्धन, मूक पक्षियों के लिए दाना-पानी-आवास, देशप्रेम के साथ विश्व शांति का अलख भी जगाया। उनकी कमी हमेशा खलेगी। उनका जाना सिर्फ बोहरा समाज की क्षति नहीं है बल्कि संपूर्ण दुनिया ने अमन का मसीहा खो दिया है। यह बात डॉ. सैयदना मोहम्मद बुराहनुद्दीन साहब की शोकसभा एसबीएन पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसएन यादव ने कही। मंगलवार रात ९.३० बजे सुभाष मार्ग स्थित इवान-ए-फखरी में आयोजित शोकसभा में भाजपा के जिला महामंत्री सुभाष जोशी ने कहा डॉ. सैयदना साहब ने समाज के साथ देश के प्रति जो योगदान दिया है उसे भुलाया नहीं जा सकता। वरिष्ठ अभिभाषक केटी मंडलोई ने कहा डॉ. सैयदना साहब ने मानवता की सेवा के साथ-साथ विदेश में अमन का पैगाम देकर देश के शांतिदूत का कार्य किया। डॉ. ओपी यादव ने कहा डॉ. सैयदना साहब के अधूरे कार्यों को ५३वें धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब आगे बढ़ाएंगे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मदनलाल शर्मा ने कहा डॉ. सैयदना साहब के ये संदेश की जिस देश में रहो उसके प्रति वफादार रहो, इसको न केवल बोहरा समाज ने अमलीजामा पहनाया बल्कि उनके धार्मिक जुलूस में भी देशप्रेम की मिसाल देखने को मिली। संचालन इब्राहीम रिजवी ने किया व आभार शहर आमिल होजेफाभाई साहब नोमानी ने माना। आखिरी में दो मिनट का मौन रखा गया।
बोहरा समाज के धर्मगुरु डॉ. सैयदना को श्रद्धांजलि देने सभी धर्म के लोग पहुंचे
सुभाष मार्ग स्थित इवान-ए-फखरी में आयोजित सभा में उपस्थित लोगों ने धर्मगुरु को याद कर उनकी स्मृति को चिर स्थाई बनाने को कहा