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एक अप्रैल से तय फीस ही ले सकेंगे निजी नर्सिंग होम्स

7 वर्ष पहले
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ञ्च सेंट्रल क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत अब इलाज में लापरवाही पर सीएमएचओ सीधे कर सकेंगे निजी नर्सिंग होम पर कार्रवाई
भास्कर संवाददाता - खंडवा
नर्सिंग होम संचालक अब मरीजों से तय फीस ही ले सकेंगे। यह व्यवस्था एक अप्रैल से शुरू होगी। अभी सभी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम में प्रत्येक सेवा की अलग-अलग फीस तय है। इसके लिए स्वास्थ्य संचालनालय ने सेंट्रल क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट बनाया है। राज्य शासन से एक्ट को हरी झंडी मिलने पर अप्रैल से
लागू होगा।
मेडिकल जांच एवं वार्ड एडमिशन फीस के अंतर को कम करने के लिए सेंट्रल क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट बनाया है। इसमें सभी नर्सिंग होम्स के इलाज के पैकेज और जांच की फीस कमेटी द्वारा तय करने का प्रावधान है। नए कानून के तहत मरीज के परिजन और मरीज इलाज में लापरवाही की शिकायत सीएमएचओ से कर सकेंगे। शिकायत मिलने पर सीएमएचओ को दो सप्ताह में जांच शुरू करनी होगी। सीएमएचओ द्वारा जांच के आधार पर कार्रवाई की जानकारी संचालनालय और मप्र मेडिकल काउंसिल को भेजनी पड़ेगी। अभी इलाज में लापरवाही की सुनवाई और कार्रवाई मेडिकल काउंसिल, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया एवं उपभोक्ता फोरम में होती है।




गुणवत्ता में आएगा सुधार



॥निजी अस्पतालों की ग्रेडिंग होना है। सेंट्रल क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा है। एक्ट के लागू होने पर अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता में सुधार और मनमर्जी फीस वसूली पर रोक लगेगी।ø

- डॉ. शरद पंडित, संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, इंदौर



प्राइवेट अस्पतालों में मौजूदा फीस

अस्पताल का नाम आईसीयू / प्राइवेट वार्ड जनरल वार्ड एक्स-रे

जेजे हास्पिटल 500 250 -

उबेजा नर्सिंग होम 1000 300 300 से 2500

शुभम हास्पिटल 1000 250 200 से 500

मिश्रा हास्पिटल 500 300 200

हिंदुजा हास्पिटल 600 450 200

((राशि रुपए में, जानकारी संबंधित अस्पतालों के संचालकों के अनुसार))

ग्रेडिंग से अस्पताल की सुविधाओं का आंकलन

नर्सिंग होम में मेडिकल इनवेस्टीगेशन और वार्ड फीस का निर्धारण विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक समिति करेगी। इसके तहत समिति नर्सिंग होम का निरीक्षण कर उसे एक ग्रेड देगी। एक्ट के प्रस्ताव में नर्सिंग होम की सुविधाओं और डॉक्टरों की स्पेशिएलिटी के हिसाब से चार वर्गों में बांटने का प्रावधान है। समिति द्वारा नर्सिंग होम को दी ग्रेडिंग से उसकी सुविधाओं के बारे में जाना जा सकता है।