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- दूसरे दिन भी गिरा मावठा, गेहूं की फसल में हुआ नुकसानआज एसडीएम को सौंपेंगे ज्ञापन, नुकसान का सर्वे
दूसरे दिन भी गिरा मावठा, गेहूं की फसल में हुआ नुकसानआज एसडीएम को सौंपेंगे ज्ञापन, नुकसान का सर्वे कराने की मांगआज एसडीएम को सौंपेंगे ज्ञापन, नुकसान का सर्वे कराने की मांग
भास्कर संवाददाता - नागदा
दूसरे दिन बुधवार को भी दिनभर मावठे ने अपना रंग दिखाया। जिससे क्षेत्र के लगभग हर गांव में नुकसान हुआ है। किसान अपनी किस्मत को दोष दे रहा है। कारण हर बार खरीफ व रबी की सीजन में प्रकृति का कहर उन पर बसर रहा है। दो दिन से जारी मावठे ने गेहूं की फसल को अधिक नुकसान पहुंचाया है। दो दिन में करीब 0.77 इंच बारिश दर्ज की गई है। लोगों के मुताबिक करीब 24 साल बाद जनवरी माह में दो दिनों में इतनी अधिक बारिश हुई है।
सोमवार रात से मावठे की शुरुआत हुई थी, मंगलवार को दिनभर रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा और शाम को इसका दौर थमा। लेकिन आसमान में मंडराते काले बादल मंगलवार रात तेज हवा के साथ फिर बरसे तो बुधवार दोपहर 12 बजे तक इसका दौर जारी रहा। बारिश के साथ चली तेज हवा ने गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया। लगभग हर गांव में गेहूं की फसल के आड़ी होने की बात किसानों द्वारा कहीं गई।
अधपका रह जाएगा गेहूं
गांव भाटीसुड़ा, भीलसुड़ा, अजीमाबाद पारदी, अमलावदिया, अलसी, कलसी, खजूरिया, भीमपुरा, झांझाखेड़ी, बेरछा, निपानिया, निनावटखेड़ा, रजला, गिंदवानिया, भगतपुरी, परमारखेड़ी आदि गांव में गेहूं की फसल के खेत मैदान बन गए है। गांव भाटीसुड़ा के सरपंच प्रतिनिधि रतनलाल, मोहब्बत सिंह, भगत सिंह, गोकुल सिंह, घनश्याम सिंह व सुनील पाटीदार ने बताया कि तेज हवा व बारिश के कारण खेत की फसल पूरी तरह आड़ी हो गई है। ऐसे में फसल की बालियों का दाना अधपका रह जाएगा और उसका कोई मूल्य नहीं रहेगा। जिस वजह से फसल के लिए लगाई गई राशि भी निकलना मुश्किल नजर आ रही है। वहीं डालर व देशी चने भी ठंड के कारण समय से पहले ही सूख गए है।
सर्वे की मांग
जनपद सदस्य प्रतिनिधी विक्रमसिंह आंजना ने बताया कि क्षेत्र में कई किसानों के खेत में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह आड़ी हो गई है। शासन-प्रशासन से सर्वे की मांग व मुआवजा दिलाने के लिए गुरुवार को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
महिदपुर रोड में भी बारिश से जन जीवन प्रभावित
महिदपुर रोड - मंगलवार दोपहर से बुधवार दोपहर तक लगातार बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर भी पानी और कीचड़ जमा हो गया, वहीं खेतों में खड़ी चने न गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। गोगापुर, सगवाली, सरवन खेड़ा, झुटावद, कोयल, बपैया आदि स्थानों के किसानों का कहना है कि यदि पानी ऐसे ही गिरता रहा तो ,सोयाबीन की तरह रबी फसल भी बर्बाद हो जाएगी।