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किसानों ने की सर्वे की मांग

8 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता - नागदा
मावठे ने गेहूं की फसल को अधिक प्रभावित किया है। किसान प्रशासन से नुकसान के सर्वे की मांग कर रहे है। ताकि शासन कभी तो उन्हें नुकसान का मुआवजा दें। किसानों के मुताबिक मावठे के साथ चली तेज हवा ने गेहूं की फसल को आड़ी कर दिया है। आड़ी फसल तभी खड़ी हो पाएगी जब धूप निकले। लेकिन आसमान में छाए बादलों से धूप निकल ही नहीं रही है। ऐसे में आड़ी फसल को नुकसान होगा, गेहूं की बालियों में दाना पक ही नहीं पाएगा और वह सूख जाएगा। जिस वजह से उसकी खरीदी भी नहीं हो पाएगी।
इन्होंने की सर्वे की मांग-फसल को हुए नुकसान के सर्वे की मांग अजीमाबाद पारदी के बाबूलाल, मीराबाई, रामनारायण, रतन्याखेड़ी के दुरसिंह, बापूसिंह, प्रभुलाल, हेमराज मालवीय, भुवानसिंह, खजूरिया के किशनलाल, राधेश्याम, अमलावदिया के मोतीसिंह आंजना, गोवर्धनलाल मालवीय, विष्णुदास बैरागी, भाटीसुड़ा के सरपंच प्रतिनिधी रतनलाल, मोहब्बतसिंह, झांझाखेड़ी के जनपद सदस्य प्रतिनिधी विक्रमसिंह आंजना आदि ने की है।



कीचड़ ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

बाजार में सन्नाटा

तराना - गुरुवार को मौसम खुला रहा पर शीतलहर चलती रही। दो दिन की रुक-रुक होकर वर्षा से गुरुवार को किसानों की चिंता कुछ कम हुई। आजनों ने भी कुछ धूप निकलने से राहत की सांस ली। शाम होते ही बाजार में सन्नाटा छा गया। जिला प्रशासन द्वारा 25 जनवरी तक कक्षा एक से 8 तक की कक्षाओं में अवकाश घोषित किए जाने से अभिभावकों ने राहत की सांस ली।

किसानों के मुताबिक मौसम के साफ रहने से ज्यादा ठंडक है और धूप नहीं निकलने से फसलें प्रभावित हो रही हैं। सबसे ज्यादा नुकसान चना एवं गेहूं को हो रहा है, क्योंकि गेहूं की चमक कम पड़ जाएगी जिससे मूल्य कम मिलेगा।

नारायणा रोड़ पर फैला कीचड़।

बादलों ने बढ़ाई दिन में ठंडक

भास्कर संवाददाता - खाचरौद

माघ महीने में भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। गुरुवार को पूरे दिन बादल छाए रहे, और शीत लहर अपना असर दिखाती रही। दोपहर में कुछ समय के लिए सूरज बादलों की ओट से बाहर आया, लेकिन फिर छुप गया। शाम को हवाओं की गति बढ़ी और सड़क पर निकलना भी दूभर होने लगा था। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य प्रति गंभीर रहना चाहिए। बच्चे सर्दी, खांसी, वायरल फीवर से जल्दी प्रभावित हो जाते हैं।

उचित मुआवजा मिले

कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अनोखीलाल सोलंकी ने खाचरौद तहसील में मावठे से फसलों को हुई क्षति का आंकलन कराने व पात्र किसानों को मुआवजा देने के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा है। इसमें बताया गया कि पिछले दिनों मावठे से खाचरौद तहसील क्षेत्र में फसलों को अत्यधिक नुकसान हुआ। हवा के साथ लगातार बारिश से गेहूं, सरसों, धनिया सहित अन्य फसलों को क्षति हुई। कृषि व राजस्व विभाग के मैदानी अमले से आंकलन कराएं और मुआवजा दिलाए। इसी तरह कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष सुरेश चतुर्वेदी, सरपंच लक्ष्मीनारायण पाटीदार, रामनारायण पाटीदार, राजेंद्रसिंह रावला, नागूसिंह पंवार, नुर मोहम्मद शाह, नन्नू शाह, विनय कुमार आदि किसानों ने भी शासन-प्रशासन से फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।

पटवारी नही आए तो करेंगे आंदोलन

आक्याजागीर के किसान कन्हैयालाल नागर, घिनौदा के कन्हैयालाल पटेल, चांपानेर के बगदीराम भंडारी, चांपाखेड़ा के जगदीश धाकड़, मोकड़ी के दशरथ टेलर, नारेली के सावनसिंह राठौर ने बताया कि अब सरकार पर भी भरोसा नही रहा हैं। ऐसा ही नुकसान पिछले साल भी हुआ था, लेकिन सर्वे में कई तरह के नियमों का हवाला देकर किसानों को मुआवजे से वंचित रखा गया था। इस संबंध में प्रशासन को सूचना देने के बाद भी अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। अगर इस साल भी नुकसान का आंकलन करने के लिए पटवारी नहीं आए तो किसान आंदोलन करेंगे।