पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • नहीं हटाया अतिक्रमण तो चराएंगे मवेशी

नहीं हटाया अतिक्रमण तो चराएंगे मवेशी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता - नागदा
ग्राम बनबनी में चार साल पहले बने बगीचे की जमीन पर चार लोगों ने अतिक्रमण कर खेती करना शुरू कर दिया था। जिसे भास्कर ने प्रमुखता से 10 जनवरी 2014 को चार साल में बगीचा बना खेत शीर्षक से प्रकाशित की थी। जिसके बाद प्रशासन ने जमीन की सुध लेते हुए अतिक्रमणकर्ताओं पर जुर्माना किया था। लेकिन जुर्माने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटने पर प्रशासन ने नोटिस जारी किए है। समय रहते अतिक्रमणकर्ताओं द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो यहां मवेशियों को चरने के लिए छोड़ा जाएगा। साथ ही संबंधित अतिक्रमणकर्ताओं के जेल वारंट भी जारी करने की चेतावनी दी गई।
॥जुर्माने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने पर संबंधितों को नोटिस जारी किया गया है। समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो संबंधितों का जेल वारंट बनाया जाएगा और फसल पर मवेशियों को चरने के लिए छोड़ा जाएगा।’’
अशोक व्यास, तहसीलदार नागदा



भास्कर इम्पैक्ट

यह है मामला

2008-09 में शासन की मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत रतन्याखेड़ी के गांव बनबनी में करीब 4 बीघा जमीन पर करीब 35 हजार रुपए से बगीचे का निर्माण किया गया था। जिसमें रतनजोत के पौधे लगाए गए थे, सूखा वर्ष होने से पौधे सूख गए। जिसके बाद दोबारा पंचायत द्वारा यहां पौधे लगाए गए, लेकिन देखभाल के अभाव में यह पौधे भी खत्म हो गए। उजाड़ हो चुके बगीचे की देखभाल पंचायत द्वारा नहीं करने से यहां लोगों ने अतिक्रमण करना शुरू कर दिया। चार साल बाद यहां बगीचे के स्थान पर खेत तैयार हो गए और लोग खेती करने लगे। मामले को प्रमुखता से उठाने के बाद तहसीलदार अशोक व्यास ने राजेश पिता बालू पर 2 हजार रुपए, राजेश पिता मदनलाल पर 1 हजार रुपए, रणछोड़ पिता हीरालाल पर 2 हजार रुपए व राजाराम पिता लक्ष्मण पर 5 हजार रुपए का जुर्माना किया था।