नहर अतिक्रमण की चपेट में
भास्कर संवाददाता - नागदा
बनबना तालाब से निकल रही सिंचाई विभाग की नहर पर अवैध रूप से फैल रहे अतिक्रमण की सुध नहीं लेने से इसकी उपयोगिता समाप्त होती जा रही है। हाल यह है कि नहर के रास्ते व किनारे पर कच्चे-पक्के मकान बनने से आने वाले दिनों में नहर अस्तित्व ही खो देगी। बनबना तालाब से शुरू हुई नहर का लाभ सिंचाई के रूप में शहरी सहित क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को मिलता है। लेकिन नहर के रास्ते में कई स्थानों पर मकान बनने से इसकी पाल जगह-जगह से ढह गई है। जिससे नहर चालू करने की स्थिति में पानी व्यर्थ बहेगा।
नहर चालू होने की स्थिति में क्षेत्र के मेहतवास, दुर्गापुरा, अजीमाबाद पारदी के सैकड़ों हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होती है। मामले में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क नहीं हो पाया। एसडीएम डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने बुधवार को मौके मुआयना कर अतिक्रमण चिंहित कर हटाने की बात कहीं है।
सरकारी भूमि में अतिक्रमण करने पर जुर्माना
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने के मामले में नायब तहसीलदार अनिरुद्ध मिश्रा ने मंगलवार को तीन गांवों के 6 किसानों पर 9 हजार रुपए का जुर्माना किया है। मिश्रा के अनुसार ग्राम डाबड़ी, सिमरोल व अंतरालिया में सरकारी भूमि पर पटवारियों ने अतिक्रमण होने की रिपोर्ट सौंपी थी। इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई है। अतिक्रमण चिंहित करने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
तो मवेशी खाएंगे फसल
नायब तहसीलदार ने बताया कि जुर्माने के बाद भी संबंधित किसानों को अतिक्रमण मौके पर पाया गया तो। संबंधित जमीन पर बोई गई फसल को प्रशासन मवेशियों को खिला देगा।
नहर किनारे इस तरह परसा अतिक्रमण।