पति के हक के लिए पत्नी ने खोला मोर्चा
भास्कर संवाददाता - नागदा
लैंक्सेस उद्योग में स्टेनो के पद पर कार्यरत रहे सुरेंद्र नायर को अकारण जबरन बर्खास्त करने का मामला तूल पकड़ गया है। मामले में पीडि़त कर्मचारी की पत्नी अनिता नायर ने प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन छेडऩे का ऐलान किया है। इस आंदोलन में महिला के साथ वे आधा दर्जन कर्मचारी भी मैदान में उतर आए हैं, जिन्हें प्रबंधन ने वैश्विक मंदी की आड़ लेकर नौकरी से निकाला है।
बैठक कर तय की रणनीति
उद्योग से बर्खास्त किए गए कर्मचारियों के पक्ष में विभिन्न श्रम संगठनों व राजनीतिक दलों ने रविवार को बीसीआई स्टाफ कॉलोनी में नायर के निवास पर बैठक कर प्रबंधन की मनमानी नीतियों के खिलाफ कानूनन लड़ाई छेडऩे के साथ ही आंदोलन की रणनीति तय की है। बैठक में उद्योग से जबरन निकाले गए सुरेंद्र नायर, गोपाल माहेश्वरी, रमेशचंद्र केरवार, मानसिंह राय, ओमप्रकाश धीमन, श्री निषाद व राजेंद्रसिंह को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी श्रम संगठनों ने दिया है। बैठक में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के करणसिंह यादव, ठेका श्रमिक संघ के मधु नायर, राजकुमार सिसौदिया, नागदा मजदूर कांग्रेस के सेवालाल यादव, ग्रेसिम क्रांतिकारी मजदूर यूनियन के भवानीसिंह शेखावत, सुरेश रघुवंशी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुबोध स्वामी, प्रमोद चौहान उपस्थित रहे।
सहा. श्रमायुक्त का आदेश दरकिनार
मामले में ग्रेसिम क्रांतिकारी यूनियन के महामंत्री भवानीसिंह शेखावत द्वारा लैंक्सेस प्रबंधन द्वारा की जा रही अवैध छंटनी की शिकायत पर सहायक श्रमायुक्त कार्यालय ने अविलंब छंटनी बंद कर स्टेनो सुरेंद्र नायर को नौकरी पर रखने का आदेश दिया था। मामले में उद्योग को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा था। बावजूद नायर को नौकरी पर नहीं बुलाया गया है।
31 को दूसरी बैठक
मामले में आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए आगामी बैठक 31 जनवरी को बुलाई गई है। इसमें तय किया जाएगा कि प्रबंधन के निर्णय के खिलाफ कानूनन लड़ाई छेडऩे के साथ मैदानी स्तर पर किस तरह से आंदोलन संचालित किया जा सकता है।