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प्रतिमाह 500 रुपए महंगाई भत्ता दे ग्रेसिम
भास्कर संवाददाता - नागदा
ग्रेसिम उद्योग व श्रम संगठनों के बीच होने वाले पांच साला समझौते को लेकर ग्रेसिम क्रांतिकारी कर्मचारी यूनियन ने कारखाना प्रबंधकों को मांग पत्र भेज दिया है। प्रस्तावित मांग पत्र यूनियन महामंत्री भवानीसिंह शेखावत की और से भेजा गया है।
जिसमें मुख्य मांग श्रमिकों को प्रतिमाह 500 रुपए महंगाई भत्ता देने के साथ ही वर्तमान वेतन में 1 जनवरी 2014 से 3000 रुपए की वृद्धि करने की मांग उठाई गई है। वहीं उद्योग में 10 साल का सेवाकाल पूर्ण करने वाले श्रमिक को 1, 20 वर्ष वाले को 2 व 30 वर्ष की सर्विस पूरी करने वाले श्रमिक को अतिरिक्त रूप से 3 स्पेशल इंक्रीमेंट देने की मांग की गई है। मांग पत्र की प्रति मुख्य श्रमायुक्त कार्यालय इंदौर को भी भेजी गई है। गौरतलब है कि उद्योग में प्रभावशील अन्य यूनियनों ने अब तक श्रमिक हित में कोई मांग पत्र नहीं सौंपा है। यहां तक की श्रमिकों से भी अब तक यह मांगों के संबंध में कोई बैठक ही अब तक नहीं हुई है।
12 रुपए प्रति टन बोनस दें श्रमिकों को- यूनियन ने वर्तमान में प्रतिदिन 450 टन उत्पादन पर 7 रुपए प्रति टन बोनस देने की बजाए प्रति टन 12 रुपए के मान से बोनस देने की मांग की है। इससे कम उत्पादन होने की स्थिति में 200 टन पर 75 रुपए, 200 से 250 टन पर 3 रुपए 50 पैसे प्रति टन, 251 से 200 पर 5 रुपए, 301 से 350 पर 7 रुपए, 351 से 400 पर 8 रुपए, 401 से 425 पर 9 रुपए, 426 से 450 तक पर 12 रुपए प्रतिटन बोनस श्रमिकों को दिया जाना चाहिए।
52 दिन की ग्रेज्युटी
यूनियन की ओर से श्रमिकों को 5 से 10 वर्ष के सेवाकाल पर 20 दिन, 10 से 15 वर्ष पर 25 दिन, 15 से 20 वर्ष पर 26 दिन, 25 वर्ष या इसे अधिक पर 45 व 30 वर्ष का सेवाकाल पूर्ण करने वाले श्रमिकों को 52 दिन की ग्रेज्युटी देने की मांग की गई है। वहीं उद्योग में कार्य के दौरान मौत होने पर श्रमिक के आश्रित को एक माह के भीतर अनुकंपा नियुक्ति न देने पर 50 प्रतिशत वेतन महंगाई भत्ते सहित देने के साथ ही आश्रितों को 7 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की गई है। उद्योग से बाहर अथवा बीमारी से मौत होने की स्थिति में 5 लाख रुपए मुआवजे की मांग की गई है।
आवास के लिए 1 लाख
प्रबंधन को दिए मांग पत्र में श्रमिकों को वर्ष में एक बार स्थाई निवास का निर्माण करने के लिए 1 लाख रुपए की मांग भी उठाई गई है। साथ ही एक्सग्रेशिया पर से सीलिंग हटाकर 25 प्रतिशत एक्सग्रेशिया देने की मांग की गई है।
यह मांगे भी हैं शामिल
प्रतिमाह 1125 रुपए आवास भत्ता, 825 रुपए वाहन भत्ता, 400 रुपए मनोरंजन भत्ता, श्रमिकों एक समय नि:शुल्क कैंटीन व एक समय का भोजन 10 रुपए में अथवा प्रतिदिन 25 रुपए कैंटीन भत्ता, शिक्षा भत्ता प्रतिमाह 1 हजार रुपए, प्रतिदिन 20 रुपए दूध भत्ता, प्रतिवर्ष 15 हजार रुपए यात्रा भत्ता, प्रतिमाह 600 रुपए चिकित्सा भत्ता, प्रतिदिन 30 रुपए नाइट भत्ता, प्रतिमाह 400 रुपए स्पेशल कम्पन सेंटरी भत्ता, प्रतिमाह 300 रुपए आधुनिक भत्ता, प्रतिदिन 25 रुपए कर्मवीर भत्ता, प्रतिवर्ष 15 हजार रुपए चिकित्सा भत्ता।