12 करोड़ से बनेगा नवोदय विद्यालय
भास्कर संवाददाता - नागदा
नवोदय विद्यालय के निर्माण को लेकर संशय के बादल छंट गए है। खाचरौद रोड स्थित ग्राम बुरानाबाद में चिहिंत भूमि के 31 एकड़ क्षेत्र में विद्यालय भवन का निर्माण होगा। भवन के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 12 करोड़ 6 लाख 50 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की है। प्रथम चरण में विद्यालय परिसर में 3 ब्लॉक बनेंगे। जिसमें कुल 288 विद्यार्थियों में 192 लड़के व 96 लड़कियों के लिए आवासीय सुविधा होगी। विद्यालय में कक्षा 6 से 10 वीं तक पढ़ाई होगी। भवन का निर्माण 21 माह की अवधि में करना नियत है। परिसर में 6 वार्डन कक्ष, प्रिसिंपल रेसीडेंट, स्टॉफ क्वाटर्स, किचन व अन्य निर्माण भी होगा।
फिर भी सर्वश्रेष्ठ परिणाम
वर्तमान में नवोदय विद्यालय महिदपुर मार्ग स्थित राजस्व कॉलोनी के 10 आवासीय क्वार्टरों में संचालित हो रहा है। आवासीय भवन होने से विद्यार्थियों को क्लास रूम का माहौल नहीं मिलता। विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार मूलभूत सुविधाओं का अभाव होने के साथ ही खेल मैदान व प्रयोगशाला का भी नहीं है। किचन छोटा होने से एक बार में भोजन नहीं बन पाता। प्रिंसिपल डॉ.के.बी.गुप्ता के अनुसार 2010 से विद्यालय को सुविधाओं के अभाव में संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में विद्यालय में 200 विद्यार्थी है। जो सुविधाओं के अभाव में भी सर्वश्रेष्ठ परिणाम दे रहे है। गौरतलब है कि नए भवन में विद्यालय स्थानांतरित होने में लगभग 2 साल का समय और लगेगा।
ज्यादा बच्चों को मिलेगा लाभ
विद्यालय का निजी भवन नहीं होने से वर्तमान में विद्यालय में कक्षा 6 टीं में मात्र 40 बच्चों की प्रवेश मिल पाता है। निजी भवन होने से इससे दोगुना विद्यार्थियों को प्रवेश मिल सकेगा। वहीं यहां पदस्थ स्टाफ को भी विद्यालय परिसर में ही रहने की सुविधा हासिल होगी। वर्तमान में स्टाफ अन्य स्थानों पर किराए से रहता है।
अभी दो साल लगेगा
॥ भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हो गई है। निर्माण अभी दो साल का वक्त लगेगा।
डॉ.के.बी.गुप्ता, प्रिंसिपल
राशि स्वीकृति में हो रही देरी की ओर दिलाया था ध्यान
क्षेत्र में विद्यालय निर्माण के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के नेता प्रयासरत थे। जिसके परिणाम स्वरूप भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हुई है। विधायक दिलीपसिंह शेखावत व भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव थावरचंद गेहलोत ने कई बार पत्र लिखकर संबंधित मंत्रालय को विद्यालय की स्थापना के लिए चयनित जमीन राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया था। मामले में प्रदेश सरकार का ध्यान इस ओर दिलाने पर शासन ने 23 जुलाई को विद्यालय के लिए अनुमति दी थी। वहीं पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने बताया कि उक्त विद्यालय क्षेत्र में स्थापित करने के लिए उन्होंने कार्पोरेट राज्यमंत्री सचिन पायलट के माध्यम से प्रयास किए थे। मानव संसाधन मंत्री एम.एम.पल्लम राजू से भी 17 जनवरी को कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान विद्यालय के लिए आरक्षित जमीन पर भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृति में हो रही देरी की और ध्यान दिलाया था। जिस पर उन्होंने 23 जनवरी को भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत कर दी है।