पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ८ माह से 18 खिलाड़ी कर रहे छात्रवृत्ति का इंतजार

८ माह से 18 खिलाड़ी कर रहे छात्रवृत्ति का इंतजार

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता - शाजापुर
एकल व टीम विधा में राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर विजेता रहे जिले के 18 खिलाडिय़ों को विभाग से मिलने वाली छात्रवृत्ति अब तक नहीं मिली है। इन्हें प्रतिमाह 250 से 600 रु. तक छात्रवृत्ति मिलना है। छात्रवृत्ति पाने के लिए खिलाडिय़ों की तरह मई 2013 में ही जिला खेल एवं युवक कल्याण विभाग में आवेदन जमा कर दिया था। बावजूद आठ माह बाद भी इन खिलाडिय़ों को अपना हक पाने इंतजार ही करना पड़ रहा है। जिम्मेदार आवंटन वित्तीय सत्र की क्वार्टर ((त्रिमाही)) पद्धति से मिलने की बात कह उल्टा ये मान रहे हैं कि हक से वंचित इन खिलाडिय़ों ने अंतिम समय में आवेदन डाले थे, इसलिए छात्रवृत्ति राशि भी लेट ही आएगी।
जिला खेल एवं युवक कल्याण विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सत्र 2013-14 के लिए सामान्य व अजा वर्ग में नियमानुसार 31 मई तक जिले के खिलाडिय़ों से विभागीय छात्रवृत्ति के लिए पंजीयन आवेदन लिए गए थे। दस्तावेजों आदि की जांच के बाद एकल व टीम विधा को मिलाकर कुल 78 खिलाड़ी छात्रवृत्ति के लिए पात्र पाए गए। वरिष्ठ कार्यालय से विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीसरे क्वार्टर ((अक्टूबर से दिसंबर-13)) के तहत आवंटन मिला। एकल व टीम विधा में पात्रतानुसार चयनित सामान्य वर्ग के 50 खिलाडिय़ों को 1 लाख 95 हजार 600 रु. व अजा वर्ग के 10 खिलाडिय़ों को 42 हजार रु. छात्रवृत्ति के रूप में वितरित कर दिए गए। शेष 18 खिलाडिय़ों के लिए आवंटन वरिष्ठ कार्यालय से अभी मिला ही नहीं है।
७२ हजार का मांगपत्र भेजा- 1 जनवरी 14 को इन खिलाडिय़ों की छात्रवृत्ति के लिए 72 हजार रु. का मांगपत्र संचालक, खेल एवं युवक कल्याण विभाग भोपाल को भेजा है। राशि मिलते ही इन 18 खिलाडिय़ों के बैंक खातों में छात्रवृत्ति डाल दी जाएगी। छात्रवृत्ति राज्य या राष्ट्र स्तर की विधा में प्रथम, द्वितीय व तृतीय रहने वाले खिलाडिय़ों को मिलती है।
पंजीयन के समय नहीं करते पात्रता निर्धारण- सभी पात्र खिलाडिय़ों की छात्रवृत्ति राशि आने में विभाग के ही कुछ नियम अड़ंगे डालते हैं। छात्रवृत्ति के लिए पंजीयन आवेदन लेने के त्वरित बाद ही खिलाड़ी की पात्रता निर्धारण क्यों नहीं किया जाता? जिस सत्र में छात्रवृत्ति मिलना है, उससे एक सत्र पहले की उपलब्धियों के आधार पर चयन प्रक्रिया भी तर्कसंगत प्रतीत नहीं होता।
इसलिए दी जाती है छात्रवृत्ति
खेल विभाग के मुताबिक राज्य-राष्ट्र स्तर के विजेता खिलाडिय़ों को पात्रतानुसार निर्धारित राशि छात्रवृत्ति के रूप में दी जाती है। उद्देश्य यह है कि खिलाड़ी इस राशि से सालभर अपने खानपान सहित विधा के महत्वपूर्ण साधन खरीद सकें और लगातार अपनी प्रतिभा का परचम फहराते रहें।