हाईवे की मरम्मत में मापदंडों की अनदेखी
भास्कर संवाददाता - शाजापुर
नेशनल हाईवे-३ एबी रोड की मरम्मत के कार्य में भारी अनियमितता बरती जा रही है। १५ करोड़ रुपए के पेचवर्क के दौरान डामर की जो परत बिछाई जा रही है, वह कुछ दिनों में ही खराब सकती है। वजह साफ है कि जो डामर बिछाया जा रहा है, वह ठंडा होने के बाद लगाया जा रहा है।
गिट्टी की चूरी और डामर को मिलाकर यह मटेरियल देवास से तैयार कराकर ला रहे हैं। देवास से शाजापुर और सारंगपुर के आगे ले जाते इतना समय लग जाता है कि वह ठंडा पड़ जाता है। इसके बाद भी एनएच के इंजीनियरों ने इस बात को नजरअंदाज कर रखा है। हाईवे का पेचवर्क जारी है और काम को देखते लगता है कि वाहन चालकों को फिर से गड्ढों से जूझना पड़ेगा।
शहर के अंदर भी ऐसा ही काम- शहर के अंदर हाईवे को चौड़ा करने के बाद अब डामर की परत बिछाई जा रही है। बरसात के सीजन में वाहन चालकों से लेकर शहरवासियों को भारी परेशानी से जूझना पड़ा। डामर का कार्य बरसात समाप्त होने के बाद होना चाहिए था, लेकिन जनवरी में यह काम चल रहा है। दूसरी तरफ यहां पर भी डामर का जो मटेरियल डाला जा रहा है वह भी घटिया स्तर का है।
पचोर से देवास तक हाईवे का पेचवर्क जारी- नेशनल हाईवे-३ की मरम्मत का कार्य पचोर से लेकर देवास तक चल रहा है। हालात यह है कि चार गड्ढे भरने के बाद एक गड्ढा छोड़ा जा रहा है। दूसरी तरफ हल्की बूंदाबांदी और कड़ाके की ठंड में मटेरियल ठंडा पड़ रहा है। इसके बाद भी उसी मटेरियल को बिछाकर रोलर चलाया जा रहा है। ऐसे में यह डामर भी ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगा।
नहीं हो रहा मापदंडों का पालन- डामर का मटेरियल कितने किलोमीटर दूर ले जा सकते हैं इस तरह के नियम हैं, लेकिन इनका पालन नहीं हो रहा है। वहीं डामर बिछाते समय मटेरियल का तापमान लिया जाना जरूरी है। लेकिन मौके पर तो एनएच के इंजीनियर ही मौजूद नहीं रहते हैं, ऐसे में तापमान लेने की बात ही बेमानी हो रही है।
॥मरम्मत के लिए डामर वाला मटेरियल देवास से तैयार कराकर लाया जा रहा है। ठंडा पड़ जाने पर ही मटेरियल काम का नहीं रहता है। डामर बिछाने से पहले तापमान लिया जा रहा है।ञ्जञ्ज
सुनील पाल, तकनीकी मैनेजर, एनएचएआई।