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अस्पताल की दशा सुधारने ३६ घंटे का अनशन शुरू
ब्लड बैंक सहित अन्य सुविधाओं के लिए सांई परिवार सदस्य उतरे मैदान में
भास्कर संवाददाता - आगर-मालवा
आगर जिला मुख्यालय के सिविल अस्पताल की दशा और दिशा सुधारने के लिए पहली बार कोई सामाजिक संस्था मैदान में उतरी है। सांई परिवार के सदस्यों ने गुरुवार से अस्पताल के सामने बैठ ३६ घंटे का अनशन शुरू कर दिया है। जनता का समर्थन पहले ही दिन मिल रहा है। उनका विश्वास है, ये जंग वे जरूर जीतेंगे। अस्पताल के हाल जरूर बदलेंगे।
प्राथमिक सेवाओं में शामिल स्वास्थ्य सेवा के जिला मुख्यालय पर बुरे हाल हैं। सुधार की गुंजाइश को लेकर गुरुवार को संस्था सांई परिवार के सदस्यों ने ३६ घंटों का अनशन भी शुरू कर दिया है। सिविल अस्पताल में ब्लड बैंक की स्थापना और छह माह पूर्व स्वीकृत हुई सोनोग्राफी एवं नई डिजिटल एक्स-रे मशीन की सुविधा जल्द प्रदान करने के साथ अस्पताल व्यवस्था में सुधार की मांग सांई परिवार सदस्यों द्वारा की जा रही है। गुरुवार सुबह ९ बजे सिविल अस्पताल के सामने महात्मा गांधी एवं सुभाषचंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण कर सदस्यों ने अनशन शुरू किया। संस्था के सदस्य सतीश शास्त्री पूरे ३६ घंटों तक अनशन पर रहेंगे। वहीं उनके साथ पूर्व पार्षद इंदुबाला बिलरवान भी पहले दिन गुरुवार को सुबह ९ से शाम ५ बजे तक अनशन पर रहीं। सांई परिवार के प्रशांत भटनागर, देवेंद्र वर्मा, सुनील जैन, अमित श्रीवास्तव, राजकुमार गुप्ता, लोकेश पाटीदार, अनिल गुप्ता, अजय सोनी, आजम पटेल, बाबूलाल शर्मा आदि भी मौजूद रहे।
एकमात्र शासकीय अस्पताल- आसपास के सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्रों व शहरवासियों को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने शहर में मात्र एक शासकीय सिविल अस्पताल ही है। यहां उम्मीद और विश्वास के साथ रोगी उपचार कराने आते हैं, लेकिन आवश्यक सुविधाओं का अभाव होने से खुद मरीजों को कई परेशानियां झेलना पड़ती हैं। मरीजों को सुविधा प्रदान करने शासन ने छह माह पूर्व नई डिजिटल एक्स-रे मशीन एवं सोनोग्राफी मशीन खरीदने नौ लाख रु. स्वीकृत किए थे, लेकिन अब तक ये दोनों उपकरण यहां नहीं आए हैं।
इसलिए जरूरी ब्लड बैंक की स्थापना- आगर नगर इंदौर-कोटा मार्ग पर बसा है। यहां प्रतिदिन वाहन दुर्घटनाएं होती हैं। गंभीर घायलों को जब अस्पताल लाया जाता है तो कई मामलों में उन्हें ब्लड की आवश्यकता होती है। यहां प्रतिदिन औसतन १० महिलाओं की डिलेवरी होती है। कई मामलों में महिलाओं को रक्त की आवश्यकता पड़ती है। इन हालातों में सिवाय उज्जैन रैफर के और कुछ नहीं होता। अस्पताल में मौजूदा ब्लड स्टोरेज मशीन का उपयोग कर यहां ब्लड बैंक की स्थापना की जाती है तो लोगों को लाभ मिलेगा।
मिलने लगा जनसमर्थन
जनहित के लिए इस सामाजिक संस्था सदस्यों द्वारा किए जा रहे अनशन को पहले ही दिन से जन समर्थन भी मिलने लगा। अनशन स्थल पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अपना समर्थन दिया। साथ ही वहां रखे रजिस्टर पर अस्पताल में सुविधा को लेकर अपने विचार और सुझाव भी लिख रहे हैं।
अनशन पर बैठे सांई परिवार के सदस्य।